लखनऊ: उत्तर प्रदेश बीजेपी में इन दिनों नए राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी के स्वागत को लेकर चर्चा तेज है। बीजेपी में 8 नए राष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए हैं, लेकिन हरीश द्विवेदी के स्वागत में जिस तरह का उत्साह और व्यापक आयोजन देखने को मिला, उसने पार्टी के भीतर सभी का ध्यान खींचा है।
बताया जा रहा है कि लखनऊ से लेकर बस्ती तक बीजेपी के अलग-अलग गुटों के नेता और कार्यकर्ता एक साथ नजर आए। लंबे समय बाद यूपी बीजेपी में ऐसा मौका देखने को मिला, जब संगठन के भीतर अलग-अलग खेमों के नेताओं ने एक मंच पर आकर हरीश द्विवेदी का स्वागत किया।
लखनऊ से बस्ती तक दिखा उत्साह
हरीश द्विवेदी के स्वागत के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। लखनऊ से लेकर बस्ती तक जगह-जगह स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए। बड़ी संख्या में स्थानीय नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता इन कार्यक्रमों में शामिल हुए।
राजनीतिक हलकों में इस स्वागत को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यूपी बीजेपी में अलग-अलग नेताओं और खेमों के बीच राजनीतिक समीकरणों की चर्चा अक्सर होती रहती है। ऐसे में हरीश द्विवेदी के स्वागत में विभिन्न गुटों का एक साथ दिखाई देना संगठन के लिहाज से महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
लंबे समय बाद दिखी ऐसी तस्वीर
बीजेपी के अंदर चर्चा है कि प्रदेश में लंबे समय बाद किसी नेता के स्वागत को लेकर इस स्तर पर व्यापक लामबंदी देखने को मिली है। खास बात यह रही कि स्वागत कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कार्यकर्ताओं में भी खासा उत्साह दिखाई दिया।
हरीश द्विवेदी के राष्ट्रीय महामंत्री बनने के बाद उनके राजनीतिक कद में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में यूपी बीजेपी में उनके स्वागत को आने वाले समय के राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है स्वागत?
उत्तर प्रदेश बीजेपी देश के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक राज्यों में से एक है। ऐसे में राष्ट्रीय संगठन में यूपी से आने वाले नेताओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रहती है। हरीश द्विवेदी के स्वागत में पार्टी के विभिन्न खेमों की मौजूदगी इस बात का संकेत मानी जा रही है कि संगठन के भीतर उन्हें लेकर व्यापक स्वीकार्यता है।
हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि यह एकजुटता आने वाले दिनों में संगठनात्मक और राजनीतिक स्तर पर कितनी दिखाई देती है। फिलहाल हरीश द्विवेदी का भव्य स्वागत यूपी बीजेपी के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।