लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अखिलेश यादव ने ऐलान किया कि 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के मौके पर सपा प्रदेश के बंद पड़े करीब 26 हजार सरकारी स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों के जरिए जनता को बताया जाएगा कि प्रदेश में सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है। उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों का बंद होना ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर सीधा असर डालता है।
वोटर लिस्ट में धांधली की साजिश का आरोप
अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर वोट जोड़ने के लिए एनुअल रिवीजन कराया जाएगा और इस प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में गड़बड़ी की कोशिश हो सकती है।
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ से लोगों के नाम उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में जोड़कर बूथ स्तर पर वोट बढ़ाने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने इसे चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में हेरफेर की साजिश बताया।
हालांकि, ये आरोप फिलहाल अखिलेश यादव के दावे हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण और नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया निर्वाचन अधिकारियों के निर्धारित नियमों के तहत होती है। विभिन्न राज्यों में 2026 में मतदाता सूची से जुड़े पुनरीक्षण और दावे-आपत्तियों की प्रक्रियाएं चल रही हैं।
चुनाव से पहले गरमाया सियासी माहौल
अखिलेश यादव के इन बयानों के बाद उत्तर प्रदेश में चुनावी राजनीति और तेज होने के संकेत हैं। एक तरफ सपा सरकारी स्कूलों के मुद्दे को लेकर अभियान चलाने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर मतदाता सूची को लेकर लगाए गए आरोप चुनावी तैयारियों के बीच बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकते हैं।