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दिल्ली में महिलाओं की फ्री बस यात्रा पर आज बड़ा फैसला, बढ़ सकती है पिंक कार्ड की समयसीमा


दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा से जुड़ी पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड योजना को लेकर आज बड़ा फैसला सामने आ सकता है। पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाने की मौजूदा समयसीमा 31 अगस्त को खत्म हो रही है। हालांकि, बड़ी संख्या में महिलाएं अभी भी कार्ड बनवाने के लिए पहुंच रही हैं। इसी को देखते हुए कार्ड बनवाने की समयसीमा को एक बार फिर आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में स्थिति सोमवार शाम तक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

दिल्ली में महिलाओं को डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा लंबे समय से पिंक टिकट व्यवस्था के माध्यम से दी जा रही है। अब सरकार इस व्यवस्था को धीरे-धीरे डिजिटल सिस्टम में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी उद्देश्य से पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड योजना शुरू की गई है। यह एनसीएमसी आधारित डिजिटल कार्ड है, जिसका इस्तेमाल महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा के लिए किया जाना है।

मौजूदा व्यवस्था के तहत जिन महिलाओं के पास पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड नहीं है, उन्हें पेपर आधारित पिंक टिकट के माध्यम से मुफ्त यात्रा की सुविधा मिल रही है। हालांकि, सरकार का उद्देश्य पेपर टिकट की व्यवस्था को कम करके यात्रा सुविधा को डिजिटल और अधिक व्यवस्थित बनाना है। इसके लिए महिलाओं को पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड को अनिवार्य करने की समयसीमा पहले 1 अगस्त निर्धारित की गई थी। इसके बाद महिलाओं को कार्ड बनवाने के लिए अतिरिक्त समय देते हुए यह समयसीमा 16 अगस्त तक बढ़ाई गई। बाद में इसे एक बार फिर बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया। अब 31 अगस्त की समयसीमा पूरी होने के बाद आगे की व्यवस्था को लेकर नए आदेश का इंतजार है।

परिवहन विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक 18,13,866 पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कार्ड बनवाने के लिए महिलाओं का पहुंचना जारी है। यही वजह है कि समयसीमा को आगे बढ़ाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। अगर समयसीमा बढ़ाई जाती है तो जिन महिलाओं ने अभी तक कार्ड नहीं बनवाया है, उन्हें इसे बनवाने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है।

पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड योजना की शुरुआत 2 मार्च को की गई थी। योजना का उद्देश्य महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा को डिजिटल माध्यम से संचालित करना है। स्मार्ट कार्ड के जरिए यात्रा से संबंधित प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के साथ-साथ पेपर टिकट पर निर्भरता कम करने की कोशिश की जा रही है।

डिजिटल व्यवस्था लागू होने से मुफ्त यात्रा की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, यात्रा से संबंधित रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से दर्ज करना भी आसान होगा। हालांकि, इस बदलाव को पूरी तरह लागू करने के लिए सभी पात्र महिलाओं तक स्मार्ट कार्ड की पहुंच सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

इसी वजह से सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 31 अगस्त के बाद पिंक कार्ड बनवाने की समयसीमा को समाप्त कर दिया जाए या महिलाओं को कुछ और समय दिया जाए। बड़ी संख्या में महिलाओं के अभी भी कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में शामिल होने के कारण समयसीमा बढ़ाए जाने की संभावना बनी हुई है।

फिलहाल महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा से जुड़ी मौजूदा व्यवस्था के संबंध में नए आदेश का इंतजार है। सरकार की ओर से फैसला सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि 31 अगस्त के बाद पेपर पिंक टिकट की व्यवस्था कितने समय तक जारी रहेगी और पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए महिलाओं को अतिरिक्त समय मिलेगा या नहीं।