लखनऊ के हुसड़िया इलाके में बैंककर्मी मानस बाजपेई से जुड़े हत्या और खुदकुशी के मामले की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, मानस कई दिनों से असलहा हासिल करने की कोशिश कर रहा था। उसके परिचितों से हुई बातचीत और जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि उसे हथियार किस माध्यम से मिला।
पुलिस के अनुसार, 18 अगस्त को अदालत में हुई सुनवाई के बाद मानस का तनाव और बढ़ गया था। उसके परिचितों ने बताया कि वह पत्नी दिव्या के साथ चल रहे वैवाहिक और कानूनी विवाद को लेकर लगातार परेशान रहता था। वह कथित तौर पर भरण-पोषण से जुड़े मामले में बड़ी रकम की मांग को लेकर भी अपने परिचितों से चर्चा करता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से पहले मानस मानसिक रूप से काफी तनाव में था। उसके एक साथी ने पुलिस को बताया कि मानस कुछ समय से शहर से बाहर था और लौटने के बाद उसे कोर्ट की तारीख के बारे में जानकारी मिली। साथी के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले से ही उसका व्यवहार काफी बदला हुआ लग रहा था। हालांकि, उसे अंदाजा नहीं था कि स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है।
लंबे समय से चल रहा था वैवाहिक विवाद
मानस और दिव्या का विवाह 2017 में हुआ था। दोनों के बीच बाद में वैवाहिक विवाद शुरू हो गया। परिवार से जुड़े लोगों के मुताबिक, समय-समय पर दोनों के बीच सुलह भी हुई, लेकिन विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हो सका।
वर्ष 2018 में मानस की मां के गंभीर रूप से बीमार होने के दौरान दिव्या दोबारा उसके साथ रहने लगी थी। इसी दौरान घर में अन्य पारिवारिक मुद्दों को लेकर भी तनाव की स्थिति बनी रही। 2019 में मानस की मां की मृत्यु के बाद दोनों के रिश्ते में फिर दूरी बढ़ गई।
बाद में दोनों के बीच बातचीत के जरिए कुछ समय के लिए स्थिति सामान्य हुई, लेकिन 2025 में विवाद एक बार फिर बढ़ गया। नवंबर में दिव्या अलग रहने चली गईं। इसके बाद जनवरी में उन्होंने फैमिली कोर्ट में स्त्रीधन वापसी, भरण-पोषण और तलाक से संबंधित मामले दर्ज कराए।
मार्च में मानस की ओर से दोबारा साथ रहने की इच्छा जताते हुए अदालत में आवेदन दिया गया था, लेकिन दोनों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
बहन को लेकर भी चिंता में था मानस
पुलिस जांच में मानस की बहन की मौत को लेकर भी एक अहम पहलू सामने आया है। पुलिस का मानना है कि मानस अपनी बहन के भविष्य और उसकी देखभाल को लेकर चिंतित था। इसी वजह से उसने उसके साथ रहने और उसकी जिम्मेदारी को लेकर परिचितों के बीच अपनी चिंता भी जाहिर की थी।
घटना के बाद घर पहुंचने वाले लोगों ने कमरे में मानस और उसकी बहन को मृत पाया। पुलिस ने मौके से हथियार भी बरामद किए हैं और पूरे मामले में फोरेंसिक तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है।
पुलिस कई पहलुओं की कर रही जांच
पुलिस उपायुक्त पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा के मुताबिक, मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इसमें हथियार की व्यवस्था, कोर्ट की सुनवाई के बाद मानस की गतिविधियां, उसके परिचितों से बातचीत और परिवार के भीतर चल रहे विवाद की परिस्थितियां शामिल हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले मानस किन लोगों के संपर्क में था और उसके व्यवहार में आए बदलाव के पीछे कौन-कौन से कारण थे। जांच एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही हैं।
यह मामला एक लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक विवाद, कानूनी प्रक्रिया और बढ़ते तनाव के बीच हुई दुखद घटना के रूप में सामने आया है। पुलिस की जांच का उद्देश्य घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों और घटनाक्रम को स्पष्ट करना है।