भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देने के बाद शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। भाजपा छोड़ने के बाद अपने बयान में पूनावाला ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि जब तक वह जीवित हैं, राहुल गांधी कभी भारत के प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे।
शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि तरीका बदला है, लेकिन मकसद नहीं बदला। इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को लेकर कहा कि उनके रहते राहुल गांधी प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे। इस बयान के बाद पूनावाला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।
पूनावाला का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ था। उन्होंने करीब 2008 में कांग्रेस के स्वयंसेवक के तौर पर राजनीति में कदम रखा था। उस समय वह छात्र थे। बाद में उन्होंने कांग्रेस की राजनीति और नेतृत्व को लेकर कई सवाल उठाए और धीरे-धीरे भाजपा के साथ जुड़ गए।
अपने ताजा बयान में पूनावाला ने राहुल गांधी के साथ-साथ उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने राजीव गांधी का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्होंने देश को ऐसा राजनीतिक नेतृत्व दिया, जिसके कारण नरेंद्र मोदी को लगातार चुनावी सफलता मिली।
पूनावाला ने एक पोस्ट में राजीव गांधी को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह उनके हमेशा ऋणी रहेंगे, क्योंकि उन्होंने राहुल गांधी को राजनीति में आगे बढ़ाया और राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका ने नरेंद्र मोदी के लिए चुनावी परिस्थितियां अनुकूल बनाने में योगदान दिया।
उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी 2014, 2019 और 2024 में प्रधानमंत्री बने और भविष्य में भी उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना है। पूनावाला ने 2029 के चुनाव को लेकर भी नरेंद्र मोदी के फिर प्रधानमंत्री बनने की भविष्यवाणी की।
हालांकि, यह बयान पूरी तरह से पूनावाला की राजनीतिक राय और भविष्य को लेकर उनका दावा है। किसी नेता के प्रधानमंत्री बनने या न बनने का अंतिम फैसला चुनावी जनादेश और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होता है।
पूनावाला ने राहुल गांधी को लेकर एक अन्य पोस्ट में भी तीखा संदेश दिया। उन्होंने लिखा कि अब कोई फिल्टर नहीं है और राहुल गांधी को तैयार रहना चाहिए। उनके इन बयानों से संकेत मिलता है कि भाजपा से इस्तीफे के बाद भी वह राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीति को लेकर अपनी आलोचनात्मक भूमिका जारी रखने वाले हैं।
भाजपा से इस्तीफा क्यों दिया?
शहजाद पूनावाला ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को अपना इस्तीफा सौंपा। इस्तीफे में उन्होंने आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में उन्हें अपनी आय और भविष्य को लेकर नए रास्ते तलाशने की जरूरत महसूस हो रही है।
पूनावाला ने संकेत दिया कि उनके लिए आर्थिक परिस्थितियां एक महत्वपूर्ण वजह रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान भूमिका से उन्हें पर्याप्त आय प्राप्त नहीं हो रही थी और इसलिए उन्हें आगे के लिए नए विकल्प तलाशने की आवश्यकता है।
उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब उनके राजनीतिक बयान एक बार फिर चर्चा में हैं। कांग्रेस से राजनीतिक सफर शुरू करने के बाद भाजपा में प्रमुख प्रवक्ता की भूमिका निभाने वाले पूनावाला ने कई वर्षों तक कांग्रेस नेतृत्व और विशेष रूप से राहुल गांधी की राजनीति पर सवाल उठाए हैं।
अब भाजपा से इस्तीफा देने के बाद उनके ताजा बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा पैदा कर दी है। एक तरफ उन्होंने भाजपा से अलग होने का फैसला किया है, वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी के खिलाफ उनका रुख पहले की तरह ही आक्रामक नजर आ रहा है।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पूनावाला अपने राजनीतिक भविष्य के लिए कौन सा रास्ता चुनते हैं और क्या वह किसी नए राजनीतिक मंच से सक्रिय भूमिका निभाते हैं।