उत्तर प्रदेश की सियासत में आजम खान से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद हलचल तेज हो गई है। बुधवार को ED ने रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली के जामिया नगर समेत करीब 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई।
ED के मुताबिक, जांच सरकारी ठेकों से जुड़े फंड को निजी ठेकेदारों के जरिए कथित तौर पर दूसरी जगह भेजने और बाद में उसके इस्तेमाल से संबंधित है। एजेंसी वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों की तलाश कर रही है।
अखिलेश यादव ने BJP पर साधा निशाना
ED की कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा और योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सवाल उठाया कि ED को भाजपा शासन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामलों में भी कार्रवाई करनी चाहिए।
अखिलेश ने अपनी पोस्ट में “राम मंदिर के चोरों”, “कोडीन कांड”, सत्ता से जुड़े अपराधियों और कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर जांच की मांग की। उन्होंने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे समेत कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए।
महाकुंभ और स्मार्ट सिटी का भी उठाया मुद्दा
सपा प्रमुख ने महाकुंभ से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और कुछ अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों पर भी गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार उन लोगों के खिलाफ ED की कार्रवाई करा रही है जो विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान चला रहे हैं, जबकि उनके अनुसार भाजपा शासन से जुड़े कई कथित भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई नहीं हो रही।
इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश में राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है। जहां ED की कार्रवाई को जांच का हिस्सा बताया जा रहा है, वहीं समाजवादी पार्टी इसे राजनीतिक कार्रवाई के तौर पर देख रही है। मामले में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।