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वाराणसी में अकासा विमान से टकराया पक्षी, 188 यात्रियों को लेकर लौटी फ्लाइट


वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से नवी मुंबई के लिए उड़ान भर रही अकासा एयर की फ्लाइट QP-1430 मंगलवार देर रात बर्ड स्ट्राइक की घटना का शिकार हो गई। उड़ान भरने के कुछ समय बाद विमान से एक पक्षी के टकराने की जानकारी सामने आई। स्थिति को देखते हुए पायलट ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को वापस वाराणसी एयरपोर्ट लाने का फैसला किया।

अकासा एयर की इस फ्लाइट का निर्धारित प्रस्थान समय रात 7:55 बजे था, लेकिन विमान करीब रात 10 बजे उड़ान भर सका। उड़ान के दौरान पक्षी के विमान से टकराने के बाद पायलट ने तत्काल स्थिति का आकलन किया और विमान को वापस एयरपोर्ट लाने का निर्णय लिया। विमान ने रात 10:51 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की।

फ्लाइट में कुल 188 लोग सवार थे। इनमें 182 यात्री और 6 क्रू सदस्य शामिल थे। विमान के वापस एयरपोर्ट लौटने के बाद यात्रियों को विमान से उतारा गया और संबंधित तकनीकी टीम ने विमान की जांच शुरू की। बर्ड स्ट्राइक के कारण विमान के इंजन के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद विमान की तकनीकी जांच और मरम्मत का काम शुरू किया गया।

अकासा एयर की ओर से यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई। यात्रियों को होटल में ठहराया गया और अगले दिन उन्हें दूसरी उड़ानों के जरिए नवी मुंबई भेजने की व्यवस्था की गई। हालांकि, 25 यात्रियों ने आगे की यात्रा रद्द करने का फैसला किया।

विमान की मरम्मत के लिए मुंबई से इंजीनियरों की टीम वाराणसी पहुंची। तकनीकी टीम ने विमान को दोबारा उड़ान के लिए तैयार करने का काम किया। बुधवार रात करीब 8:30 बजे विमान की मरम्मत पूरी होने के बाद उसे क्रू सदस्यों के साथ मुंबई के लिए रवाना किया गया।

बताया गया कि जिस विमान के साथ बर्ड स्ट्राइक की घटना हुई, वह इससे पहले भी एक मेडिकल इमरजेंसी से जुड़ी उड़ान का हिस्सा रहा था। मुंबई एयरपोर्ट पर मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग के कारण विमान वाराणसी पहुंचने में करीब दो घंटे की देरी से पहुंचा था। इसके बाद वाराणसी से नवी मुंबई के लिए वापसी की उड़ान के दौरान बर्ड स्ट्राइक की घटना सामने आई।

इस घटना ने एक बार फिर एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों की मौजूदगी और विमानों के लिए उससे पैदा होने वाले खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है। टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान पक्षियों की मौजूदगी विमान सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है। ऐसे में एयरपोर्ट परिसर और उसके आसपास पक्षियों की गतिविधियों को नियंत्रित करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

घटना के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और बर्ड स्ट्राइक रोकने के लिए किए जा रहे उपायों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से पक्षियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी, एयरफील्ड प्रबंधन और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

हालांकि, इस घटना में विमान सुरक्षित रूप से एयरपोर्ट पर वापस उतर गया और किसी यात्री या क्रू सदस्य के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई। पायलट के समय रहते विमान को वापस लाने के फैसले से बड़ा हादसा टल गया।