गुजरात के भरूच जिले के दहेज GIDC औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार को एक केमिकल फैक्ट्री में हुए जोरदार धमाके के बाद भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। यह हादसा विजन प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट में हुआ। अचानक हुए विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के कई इलाकों के साथ करीब 7 किलोमीटर दूर तक इसे सुना गया। धमाके के बाद फैक्ट्री परिसर से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं और आसमान में काले धुएं का घना गुबार दिखाई देने लगा।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री परिसर में रखे सॉल्वेंट के ड्रमों में धमाका होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, विस्फोट की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि ड्रम में मौजूद रासायनिक पदार्थ किस वजह से आग की चपेट में आए और इसके बाद इतना शक्तिशाली विस्फोट कैसे हुआ। अधिकारियों की जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री में आग तेजी से फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन को जानकारी दी गई। इसके बाद दहेज और आसपास के क्षेत्रों से 7 से अधिक दमकल वाहनों को घटनास्थल पर भेजा गया। दमकलकर्मियों ने आग को नियंत्रित करने के लिए पानी के साथ विशेष फोम का इस्तेमाल किया। आग को पूरी तरह बुझाने और दोबारा भड़कने की आशंका को रोकने के लिए लगातार प्रयास किए गए।
धमाके की आवाज सुनकर आसपास की कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों में भी दहशत फैल गई। कई लोगों ने फैक्ट्री की दिशा से उठता हुआ धुएं का बड़ा गुबार देखा। औद्योगिक क्षेत्र में पहले से मौजूद सुरक्षा व्यवस्था को सक्रिय किया गया और घटना की गंभीरता को देखते हुए आसपास के इलाके में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी बढ़ा दी गई।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस, प्रशासन और औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा के मद्देनजर फैक्ट्री के आसपास के इलाके को घेर लिया गया, ताकि राहत और अग्निशमन अभियान के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। अधिकारियों ने घटनास्थल पर स्थिति का जायजा लिया और आग के कारणों तथा फैक्ट्री में हुए संभावित नुकसान का आकलन शुरू किया।
फिलहाल सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस हादसे में किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है। हालांकि, आग की तीव्रता को देखते हुए फैक्ट्री की मशीनरी, कच्चे माल, रासायनिक पदार्थों और अन्य औद्योगिक उपकरणों को कितना नुकसान हुआ है, इसका स्पष्ट आकलन अभी सामने नहीं आया है।
प्रशासन की ओर से घटना के कारणों की जांच की जा रही है। यह भी देखा जाएगा कि फैक्ट्री में ज्वलनशील रसायनों और सॉल्वेंट के भंडारण के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। आग पूरी तरह शांत होने के बाद विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर सकती है। इसके बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर और नुकसान का वास्तविक आंकड़ा सामने आने की उम्मीद है।
दहेज GIDC गुजरात का एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में रासायनिक और अन्य औद्योगिक इकाइयां संचालित होती हैं। ऐसे में किसी केमिकल प्लांट में विस्फोट और आग की घटना को सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जाता है। प्रशासन के सामने फिलहाल प्राथमिक चुनौती आग पर पूरी तरह काबू पाने, आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित रखने और किसी संभावित दोबारा विस्फोट के खतरे को रोकने की है।
स्थिति पर प्रशासन और संबंधित विभागों की नजर बनी हुई है। हादसे के कारण, नुकसान और सुरक्षा जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।