पटना: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने बिहार में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को सफल बताते हुए कहा है कि इसके बाद 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान हुआ। उन्होंने दावा किया कि बिहार में दर्ज मतदान प्रतिशत अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसी प्रमुख विकसित लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में वर्षों से दर्ज मतदान प्रतिशत से अधिक रहा।
ज्ञानेश कुमार ने रविवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि बिहार लोकतंत्र की ऐतिहासिक भूमि है और राज्य में SIR का सफलतापूर्वक संचालन किया गया। उनके मुताबिक, करीब तीन महीने चले इस व्यापक अभियान के दौरान मतदाता सूची को अपडेट किया गया और करीब 70 लाख नाम हटाए गए। इसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में कुल मतदान 66.91 प्रतिशत रहा, जो 1951 के बाद राज्य में सबसे अधिक था। महिला मतदाताओं की भागीदारी 71.6 प्रतिशत, जबकि पुरुष मतदाताओं की भागीदारी 62.8 प्रतिशत रही।
CEC ने कहा कि बिहार में मतदान का यह स्तर अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के अलावा स्पेन और जापान जैसे देशों में पिछले वर्षों में दर्ज मतदान प्रतिशत से भी अधिक रहा। उन्होंने बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों के मतदान केंद्रों तक पहुंचने को लोकतांत्रिक भागीदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
चुनाव आयोग के मुताबिक SIR के बाद बिहार में 7.45 करोड़ से अधिक मतदाता चुनाव के लिए पात्र थे। आयोग ने चुनाव के दौरान तकनीक, वेबकास्टिंग और मतदाता सुविधा से जुड़ी कई पहलों को भी लागू किया था।
CEC के बयान के मुताबिक, SIR के जरिए मतदाता सूची को अधिक सटीक और समावेशी बनाने की कोशिश की गई। बिहार विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान को आयोग इसी व्यापक चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सहभागिता से जोड़कर देख रहा है।
हालांकि, मतदान प्रतिशत में अंतर की तुलना करते समय अलग-अलग देशों की चुनाव प्रणाली, मतदान की अनिवार्यता और चुनावी परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है। बिहार का रिकॉर्ड मतदान निश्चित रूप से राज्य के चुनावी इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा है।