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ईरान का संवृद्ध यूरेनियम सुरक्षित या संकट में? युद्ध के बाद उठे सवाल

अंतरराष्ट्रीय एजेंसी रिपोर्ट्स और ईरान के आधिकारिक बयानों के अनुसार अमेरिका व इज़राइल द्वारा जून 2025 में ईरान की प्रमुख परमाणु साइटों पर किए गए हमलों के बाद, संवृद्ध यूरेनियम का बड़ा स्टॉकपाइल प्रायः अपने पुराने स्थानों पर ही है, विशेषत: नातांज, फोर्डो और इस्फहान परिसरों में. ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने बताया कि बमबारी से क्षतिग्रस्त हुए कई परमाणु प्लांट्स के मलबे के नीचे यूरेनियम दबा हुआ है, जिसे परमाणु ऊर्जा संगठन द्वारा जांचा जा रहा है.

 
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी (IAEA) का कहना है कि जून 2025 के बाद रूस-चीन आदि से बढ़ती मदद के बावजूद, निरीक्षकों को उन साइट्स पर पहुंच नहीं मिल रही है, जिससे पुष्टि करना मुश्किल हो गया है कि संवृद्ध यूरेनियम सुरक्षित है या नहीं. IAEA के अनुसार ईरान के पास लगभग 9040 किलो यूरेनियम है, जिसमें से 440 किलो 60% तक संवृद्ध है—जो सीधे परमाणु हथियार में इस्तेमाल हो सकता है. एजेंसी ने चिंता जताई है कि पिछले दो महीने में निरीक्षण नहीं हो पाए हैं और हो सकता है कि कुछ संवृद्ध यूरेनियम इस्फहान के पहाड़ी परिसर में स्थानांतरित या छुपाया गया हो.
 
जून के हमलों से नातांज और इस्फहान के ऊपर-भाग को काफी नुकसान हुआ, जबकि भूमिगत हिस्से पर कोई नई क्षति नहीं पाई गई. फोर्डो साइट पर कोई बमबारी नहीं हुई, जिससे वहां मौजूद संवृद्ध यूरेनियम सुरक्षित बताया जा रहा है. यूरोप, IAEA और संयुक्त राष्ट्र ने ईरान से निरीक्षण प्रक्रिया बहाल करने की मांग की है, लेकिन फिलहाल यह रुकी हुई है.
 
ईरान का दावा है कि यूरेनियम की अवस्था और सुरक्षा पर निगरानी रखी जा रही है, जबकि विश्व समुदाय इससे पैदा खतरे और अस्थिरता को लेकर सतर्क है.