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जनता की आवाज मत दबाइए, बातचीत कीजिए: NEET पेपर लीक विवाद पर अन्ना हजारे ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, मंत्री के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली: देश में NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे देशव्यापी छात्र आंदोलन और भारी आक्रोश के बीच जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। अन्ना हजारे ने पत्र में लोकतंत्र की दुहाई देते हुए सरकार को नसीहत दी है कि जनता की आवाज को दबाने के बजाय उनके साथ सीधे सकारात्मक संवाद का रास्ता अपनाया जाए

दिल्ली हिंसा और पुलिस एक्शन पर जताई गहरी चिंता

अन्ना हजारे ने नई दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस की बलपूर्वक कार्रवाई को 'बेहद दुखद' और 'पीड़ादायक' बताया है। उन्होंने लिखा कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान या अत्यधिक बल प्रयोग के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश का युवा पेपर लीक, बेरोजगारी और परीक्षा प्रक्रियाओं में देरी के कारण भारी मानसिक तनाव और बेचैनी से गुजर रहा है। इसे सिर्फ एक कानून-व्यवस्था का मुद्दा मानकर खारिज नहीं किया जा सकता।

"मंत्री का इस्तीफा लेने से सरकार कमजोर नहीं होती"

चिट्ठी में अन्ना हजारे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण बात कही है। उन्होंने लिखा, "अगर जवाबदेही तय की जाए और संबंधित विभाग के मुखिया यानी मंत्री का इस्तीफा लिया जाए, तो इससे सरकार कमजोर नहीं होगी। बल्कि इससे अन्य मंत्रियों के पास एक मजबूत संदेश जाएगा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाएगा।"

जनता की आवाज को विपक्ष की आवाज न समझें

अन्ना हजारे ने सरकार से अपील की है कि सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अभिभावकों की आवाज को महज 'विपक्ष की आवाज' समझकर अनदेखा न किया जाए। उन्होंने लिखा कि प्रदर्शनकारी इसी देश के नागरिक हैं। उनकी बात को धैर्यपूर्वक सुनना, विश्वास का माहौल बनाना और संवाद के जरिए हल निकालना ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है

सोनम वांगचुक के अनशन का भी किया जिक्र

अपने पत्र में अन्ना हजारे ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन और उन्हें अनशन स्थल से जबरन हटाए जाने के तरीके पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इतने दिनों से आंदोलन चल रहा है, लेकिन सरकार के किसी जिम्मेदार प्रतिनिधि ने उनसे मिलकर बातचीत करने की जहमत नहीं उठाई, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

कल करेंगे मौन आंदोलन

पीएम मोदी को पत्र लिखने के साथ ही अन्ना हजारे ने घोषणा की है कि वे इस पूरे घटनाक्रम और छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन के विरोध में अहमदनगर (अहिल्यानगर) के वाडिया पार्क स्थित गांधी स्मारक पर मौन आंदोलन करेंगे। उनका यह कदम इस आंदोलन को एक नया सामाजिक मोड़ दे सकता है।