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बिहार में शिक्षकों के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू; स्कूलों में जींस-टीशर्ट की नो-एंट्री उल्लंघन पर होगी विभागीय कार्रवाई

 

पटना बुधवार, 22 जुलाई 2026 बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शिक्षण संस्थानों की गरिमा बहाल करने के लिए बिहार शिक्षा विभाग ने एक और बड़ा कदम उठाया है। विभाग के प्रशासन निदेशक द्वारा जारी ताजा दिशा-निर्देशों के तहत, राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों (Non-teaching staff) के लिए औपचारिक वेशभूषा (फॉर्मल ड्रेस) अनिवार्य कर दी गई है। इस नए नियम के तहत अब कोई भी शिक्षक स्कूल अवधि के दौरान कैजुअल कपड़े, विशेषकर जींस और टी-शर्ट पहनकर नहीं आ सकेगा। 

अनुशासन और सकारात्मक शैक्षणिक माहौल मुख्य उद्देश्य

शिक्षा विभाग के आदेश के आलोक में राज्य के विभिन्न जिलों, जैसे सुपौल, कटिहार और बेतिया के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) ने अपने-अपने क्षेत्रों में इस नियम को कड़ाई से लागू करने का फरमान जारी कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों का पहनावा और उनका आचरण विद्यार्थियों पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव डालता है। विद्यालय की मर्यादा बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि सभी शिक्षक गरिमापूर्ण और शालीन वस्त्रों में ही कक्षाएं लें। 

सोशल मीडिया रील्स और वीडियो पर भी कड़ा प्रतिबंध

ड्रेस कोड के साथ-साथ शिक्षा विभाग ने स्कूलों में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए एक और बड़ा निर्देश दिया है। बेतिया के जिला शिक्षा अधिकारी राजन कुमार समेत कई जिला अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय परिसर या कार्यालय अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की सोशल मीडिया रील्स, डांस वीडियो या शॉर्ट्स बनाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। स्कूल परिसर के भीतर डीजे, डिस्को या किसी भी प्रकार के अमर्यादित मनोरंजन कार्यक्रमों के आयोजन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है. केवल शैक्षणिक कैलेंडर के अनुरूप निर्धारित और शालीन कार्यक्रमों की ही अनुमति होगी. 

नियम तोड़ने पर रुकेगा वेतन, होगी कड़ी कार्रवाई

विधानसभा में भी इस विषय पर चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने साफ किया कि विभाग के दिशा-निर्देशों का अनुपालन बेहद जरूरी है। सरकार का उद्देश्य शिक्षकों पर कोई खास यूनिफॉर्म थोपना नहीं, बल्कि कार्यस्थल पर व्यावसायिक गरिमा (Professional Dignity) को बनाए रखना है।विभागीय आदेश में चेतावनी दी गई है कि जो भी शिक्षक या कर्मचारी इस ड्रेस कोड और अनुशासन संबंधी नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ तत्काल प्रभाव से आवश्यक अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसमें वेतन रोकना या अन्य प्रशासनिक दंड शामिल हो सकते हैं।