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16 साल बाद ललित मोदी को मिली क्लीन चिट; ED केस में बड़ी राहत के बाद भारत लौटने का किया ऐलान

नई दिल्ली बुधवार, 22 जुलाई 2026 इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के संस्थापक और पूर्व कमिश्नर ललित मोदी को एक बहुत बड़ी कानूनी और प्रशासनिक कामयाबी मिली है। वर्ष 2009 के बहुचर्चित आईपीएल-साउथ अफ्रीका फेमा (FEMA) मामले में सफेमा अपीलीय ट्रिब्यूनल (SAFEMA Appellate Tribunal) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकांश फैसलों और लगाए गए भारी जुर्मानों को खारिज कर दिया है। इस फैसले ने ललित मोदी के लिए करीब डेढ़ दशक से बंद पड़े भारत वापसी के रास्तों को एक बार फिर से खोल दिया है। 

16 साल बाद आया सच सामने – ललित मोदी

इस बड़ी राहत के बाद ललित मोदी ने सोशल मीडिया और प्रेस बयानों के जरिए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "16 साल के लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद आखिरकार सच सबके सामने आ ही गया। मुझे भारत की न्याय व्यवस्था पर हमेशा भरोसा था। अब मैं बिना किसी कानूनी झंझट के अपने देश लौटने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हूं।"

मोदी ने स्पष्ट किया कि वे अपनी कानूनी टीम के साथ आगे की रणनीति तैयार कर रहे हैं और इस साल के अंत में या अगले साल (2027) की शुरुआत में भारत लौट आएंगे। 

क्या था पूरा मामला?

  • 2009 का विवाद: साल 2009 में आम चुनावों के कारण आईपीएल के दूसरे सीजन को दक्षिण अफ्रीका में आयोजित किया गया था। 
  • ED के आरोप: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोप लगाया था कि इस विदेशी आयोजन के दौरान विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के नियमों का उल्लंघन हुआ और सैकड़ों करोड़ रुपये का अवैध ट्रांसफर किया गया। 
  • जुर्माना और निर्वासन: जांच के दौरान ईडी ने ललित मोदी और बीसीसीआई के कुछ अन्य पदाधिकारियों पर करोड़ों का जुर्माना ठोक दिया था, जिसके बाद साल 2010 में ललित मोदी भारत छोड़कर लंदन चले गए थे। 

ट्रिब्यूनल के फैसले के क्या हैं मायने?

सफेमा अपीलीय न्यायाधिकरण ने अपने ताजा आदेश में साफ कहा है कि ईडी के निष्कर्षों में ठोस सबूतों की कमी थी। ट्रिब्यूनल द्वारा अधिकांश आरोपों और वित्तीय जुर्मानों को रद्द किए जाने के बाद अब ललित मोदी को भगोड़ा या आरोपी मानने के ईडी के आधार बेहद कमजोर हो गए हैं।कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के बाद अन्य लंबित मामलों में भी मोदी की स्थिति मजबूत होगी और उनकी स्वदेश वापसी पर लगा अघोषित प्रतिबंध पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। इस खबर के सामने आने के बाद भारतीय खेल जगत और कॉर्पोरेट गलियारों में हलचल तेज हो गई है।