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राहुल गांधी की पांच मांगें सरकार पर बढ़ा दबाव

नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शन अब राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया।

राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम और प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया। बाद में रात करीब 9 बजे दोनों नेताओं को रिहा कर दिया गया।

रिहाई के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। साथ ही प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, छात्रों पर दर्ज सभी मामलों को वापस लेने, पुलिस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री से सार्वजनिक माफी और संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की भी मांग की।

राहुल गांधी ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होना और शिक्षा का महंगा होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से पूछा कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में क्यों है और छात्रों को बार-बार ऐसी परिस्थितियों का सामना क्यों करना पड़ रहा है।

वहीं, केंद्र सरकार ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष समाधान के बजाय राजनीतिक टकराव को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

सरकार का कहना है कि वह नीट परीक्षा से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा और आवश्यक सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है तथा छात्रों की चिंताओं का समाधान लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।