Latest News Lifestyle
दिल्ली के जंतर-मंतर पर तनाव बरक़रार; पुलिसिया कार्रवाई के बाद छात्रों का दोबारा हल्लाबोल

 

नई दिल्ली, 21 जुलाई 2026: राष्ट्रीय राजधानी का ऐतिहासिक जंतर-मंतर आज एक बार फिर राजनीतिक अखाड़े और युवा आक्रोश का केंद्र बन गया है. सोमवार को हुए 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई भारी हिंसा और पुलिसिया लाठीचार्ज के महज़ कुछ ही घंटों बाद, आज दोपहर हज़ारों की तादाद में छात्र और प्रदर्शनकारी दोबारा जंतर-मंतर पर इकट्ठा हो गए हैं. 

'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नामक युवा नेतृत्व वाले इस आंदोलन ने साफ़ कर दिया है कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं. बारिश और कड़े पुलिस पहरे के बावजूद प्रदर्शनकारी टॉल्स्टॉय मार्ग की तरफ़ से लगातार आंदोलन स्थल पर पहुंच रहे हैं.

 

मुख्य कारण: NEET पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में सुधार

इस अभूतपूर्व छात्र आंदोलन की मुख्य मांगें शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव को लेकर हैं:

  • शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग: प्रदर्शनकारी मई 2026 में हुए NEET-UG मेडिकल प्रवेश परीक्षा के पेपर लीक और अनियमितताओं के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे पर अड़े हैं. [6, 7] 
  • छात्रों की आत्महत्याओं पर आक्रोश: परीक्षा रद्द होने के बाद मानसिक तनाव के कारण देश भर में लगभग 20 छात्रों की आत्महत्या की खबरों ने इस आक्रोश की आग में घी का काम किया है. [1] 
  • सोनम वांगचुक का अनशन: मशहूर पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के अनशन और उनके साथ हुई पुलिसिया सख्ती ने भी इस आंदोलन को राष्ट्रव्यापी जनसमर्थन दिलाया है.  

कल की हिंसा के बाद आज के हालात 

सोमवार को जब 50,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने संसद की तरफ बढ़ने का प्रयास किया, तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. 

  • घायलों की संख्या: दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस झड़प में 118 पुलिसकर्मी और लगभग 90 छात्र घायल हुए हैं. एक 20 वर्षीय छात्रा की हालत गंभीर बनी हुई है और वह आईसीयू में है. [4, 5] 
  • मंच तोड़े जाने पर भी डटे छात्र: पुलिस ने कल रात जंतर-मंतर से टेंट और लाउडस्पीकर हटा दिए थे, लेकिन आज सुबह CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के आह्वान पर छात्रों ने फिर से धरना स्थल पर कब्जा कर लिया. 

पीएम आवास का घेराव और हिरासती कार्रवाई

सड़क से लेकर संसद तक इस मुद्दे पर राजनीति बेहद गरमा गई है:

  1. विपक्ष का मार्च: आज दोपहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाशरा के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) का घेराव करने की कोशिश की. [3, 4] 
  2. हिरासत में नेता: पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर मार्च को रोका और कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. [3] 
  3. नेताओं का दौरा: एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता गोपाल राय ने भी आज दोपहर जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों के प्रति एकजुटता जताई. 

प्रधानमंत्री का पहला बयान

लगातार बढ़ते दबाव के बीच, रॉयटर्स (Reuters) की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार इस विषय पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। कैबिनेट मंत्री के जरिए सामने आए बयान में उन्होंने देश में एक "फूलप्रूफ (त्रुटिहीन) सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली" स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया है और कहा है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी. [10] फिलहाल, जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की भारी तैनाती है, और छात्र अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।