नई दिल्ली,
संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सड़कों पर उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर हजारों प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश की। नीट (NEET) परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। हालात को बेकाबू होता देख केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने खुद स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए मोर्चा संभाल लिया है।
गृह मंत्री की पैनी नजर, मंत्रियों संग मैराथन बैठक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद भवन स्थित अपने कार्यालय से पल-पल बदलते हालात की सीधी निगरानी करते रहे। प्रदर्शन के केंद्र में आए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद परिसर में ही गृह मंत्री से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच करीब चार घंटे लंबी अहम मंत्रणा चली। शाह ने गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के साथ-साथ प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ किसी भी तरह की अत्यधिक सख्त कार्रवाई या बल प्रयोग से बचा जाए।
सुरक्षा एजेंसियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
एक तरफ जहां अमित शाह राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर कमान संभाले हुए थे, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा ग्रिड को भी तुरंत सक्रिय किया गया। कर्तव्य भवन स्थित कार्यालय में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने दिल्ली पुलिस आयुक्त और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के प्रमुख महेश दीक्षित के साथ एक आपातकालीन बैठक की। इस उच्च स्तरीय बैठक में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और खुफिया इनपुट के आधार पर आगे की रणनीति तय की गई।
आंसू गैस के गोले छोड़े, अफवाहें रोकने के लिए इंटरनेट बंद
जंतर-मंतर पर एकत्रित प्रदर्शनकारियों ने जब बैरिकेड्स तोड़कर संसद भवन के गेट की तरफ बढ़ने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें कीं। हालांकि, गृह मंत्री के निर्देशानुसार केवल मुख्य संवेदनशील पॉइंट्स पर ही कार्रवाई की गई और अन्य जगहों पर संयम बरता गया। सुरक्षा के लिहाज से किसी भी तरह की अफवाह को फैलने से रोकने के लिए लुटियंस दिल्ली और आसपास के प्रदर्शन वाले इलाकों में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, जबकि सामान्य मोबाइल कॉलिंग चालू रखी गई।
सरकार ने बढ़ाया बातचीत का हाथ
तनावपूर्ण माहौल के बीच केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत का रास्ता भी खुला रखा है। चिकित्सा शिक्षा (NEET) से जुड़ा मामला होने के कारण केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को CJP के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। नड्डा ने CJP के प्रवक्ताओं के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में बैठक की और उनका लिखित मांग पत्र स्वीकार किया। सरकार ने प्रदर्शनकारियों से अपना धरना समाप्त करने और दिल्ली में शांति व सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग देने की अपील की है।