नई दिल्ली (21 जुलाई, 2026): दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को 'संसद चलो' मार्च के दौरान नीट (NEET) अभ्यर्थियों और छात्रों पर हुई बर्बर पुलिसिया कार्रवाई का मुद्दा अब पूरी तरह गरमा गया है। इस घटना को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव सहित 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के कई वरिष्ठ सांसद आज लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला से मिलने उनके कक्ष में पहुंचे।
विपक्ष ने स्पीकर के सामने दर्ज कराया कड़ा विरोध
विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुए बल प्रयोग, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों के इस्तेमाल पर अपनी गहरी नाराजगी और विरोध दर्ज कराया है:
- युवाओं की आवाज दबाने का आरोप: राहुल गांधी ने स्पीकर से कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे देश के भविष्य (छात्रों) पर इस तरह का हिंसक दमन बेहद निंदनीय है। सरकार छात्रों की आवाज को लाठी के दम पर दबाना चाहती है।
- सांसद धर्मेंद्र यादव की मांग: समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव और अन्य विपक्षी नेताओं ने मांग की कि छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए और हिरासत में लिए गए छात्रों को बिना शर्त रिहा किया जाए।
- संसद में चर्चा की मांग: विपक्षी सांसदों ने स्पीकर से इस संवेदनशील विषय पर संसद के भीतर तत्काल नियम के तहत चर्चा कराने और सरकार से जवाब मांगने की मांग की है।
- क्या है पूरा मामला?
सोमवार को नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के विरोध में हजारों छात्र संसद का घेराव करने निकले थे। इस दौरान जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच भारी झड़प हुई थी, जिसमें लाठीचार्ज के कारण 150 से अधिक छात्र और पुलिस के दावे के मुताबिक विशेष आयुक्त (Special CP) समेत 118 सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।
सदन के भीतर भी संग्राम के आसार
स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के बाद यह साफ हो गया है कि विपक्ष इस मुद्दे पर सदन के भीतर जरा भी झुकने के मूड में नहीं है। आज संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्षी दलों द्वारा इस मुद्दे को लेकर भारी हंगामा और कार्यस्थगन प्रस्ताव लाने की पूरी संभावना है।