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यूपी में मानसून का कहर, कई शहर जलमग्न

उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शनिवार सुबह से प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है। गोरखपुर, बरेली, आगरा, वाराणसी, प्रतापगढ़, प्रयागराज, बलिया और बाराबंकी समेत कई इलाकों में भारी वर्षा के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लगातार हो रही बारिश से सड़कों पर जलभराव, ट्रैफिक जाम और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर प्रशासन को राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज करनी पड़ी हैं।

सबसे ज्यादा असर गोरखपुर में देखने को मिला, जहां कुछ ही घंटों की बारिश के बाद शहर की प्रमुख सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं। कई कॉलोनियों और बाजारों में घुटनों तक पानी भर गया। सड़क किनारे खड़े कई वाहन आधे पानी में डूब गए, जबकि दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जगह-जगह लंबा जाम लग गया और कई इलाकों में जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई।

वाराणसी में लगातार बढ़ रहे गंगा नदी के जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। दशाश्वमेध घाट सहित कई प्रमुख घाटों की सीढ़ियां पानी में समा गई हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रसिद्ध गंगा आरती को ऊंचे स्थान पर कराया जा रहा है। घाटों के आसपास बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है। प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।

प्रतापगढ़ में भारी बारिश के चलते पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर सहित कई सरकारी दफ्तरों और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। जलभराव के कारण लोगों को कार्यालयों तक पहुंचने में कठिनाई हुई। कई मोहल्लों में नालियां उफान पर आ गईं, जिससे घरों में भी पानी घुसने की शिकायतें सामने आईं।

प्रयागराज में तेज बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। शहर के एक इलाके में नाला धंस जाने से वहां से गुजर रही एक कार उसमें फंस गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से कार को बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

बरेली, आगरा और आसपास के जिलों में भी लगातार बारिश से सड़कों पर पानी भर गया। कई निचले इलाकों में जलभराव होने से लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हुई। किसानों ने बारिश को खरीफ फसलों के लिए लाभदायक बताया, लेकिन अधिक वर्षा से खेतों में पानी भरने की चिंता भी जताई जा रही है।

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। गंगा, यमुना, सरयू, घाघरा और राप्ती सहित कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बलिया, बाराबंकी और नदी किनारे बसे कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है।

मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों और आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने तथा नदी-नालों के पास सावधानी बरतने की अपील की है।

राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। राहत और बचाव दलों को तैयार रखा गया है तथा जलभराव वाले इलाकों में पानी निकालने के लिए पंप लगाए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

यदि आने वाले दिनों में बारिश का यही सिलसिला जारी रहा तो कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।