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अदालत का बड़ा फैसला: सोनम वांगचुक की सेहत पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त,दो दिन में जान जाने के दावों पर खुद वांगचुक ने दिया जवाब

 

नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुकके स्वास्थ्य को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि सरकारी डॉक्टरों के माध्यम से वांगचुक की रोजाना क्लीनिकल जांच की जाए और स्वास्थ्य बिगड़ने पर तुरंत आवश्यक चिकित्सा सहायता (मेडिकल इंटरवेंशन) उपलब्ध कराई जाए।

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट कहा कि "किसी भी नागरिक की जिंदगी सबसे कीमती है और उसे बचाने के लिए सरकार को सभी प्रयास करने चाहिए"।

क्या वाकई दो दिनों में जान जाने का खतरा है?

अदालत में दायर जनहित याचिका में याचिकाकर्ता ने चिंता जताई थी कि अनशन के कारण वांगचुक का वजन 8.5 किलोग्राम से अधिक घट चुका है और यदि उन्हें जबरन भोजन या ग्लूकोज नहीं दिया गया, तो अगले दो दिनों में उनकी जान को खतरा हो सकता है

हालांकि, खुद सोनम वांगचुक ने इन दावों और आशंकाओं को खारिज कर दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा 

"मेरी स्थिति ऐसी नहीं है कि दो दिनों में मेरी मृत्यु हो जाएगी। मेरे मेडिकल टेस्ट और हालिया ईसीजी रिपोर्ट सामान्य हैं। हालांकि मांसपेशियों में खिंचाव और कमजोरी है, लेकिन मेरा दिल और आंतरिक स्वास्थ्य (कोर  तक अनशन जारी रख सकता हूँ।"

डॉक्टरों की ताजा मेडिकल रिपोर्ट

वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे डॉक्टरों के अनुसार, उनके अनशन को 19 दिन हो चुके हैं और उनका वजन अब तक 9 किलोग्राम से अधिक कम होकर 56.65 किलोग्राम पर पहुंच गया है। वर्तमान में उनका ब्लड शुगर 80 mg/dL और ब्लड प्रेशर 105/61 mmHg रिकॉर्ड किया गया है, जो एक अनशनकारी के लिहाज से फिलहाल स्थिर है, लेकिन लंबे समय तक भूखे रहने से अंगों पर असर पड़ने की चेतावनी भी डॉक्टरों ने दी है।

यह अनशन देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और एनईईटी (NEET) जैसी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी  CJP  के नेतृत्व में किया जा रहा है। कोर्ट के इस सख्त आदेश के बाद प्रशासन मुस्तैद हो गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।