प्रतापगढ़
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से जालसाजी और नकली सामान बेचने का एक बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस ने एक इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर औचक छापेमारी करते हुए नामी कंपनियों के नकली उपकरणों का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से देश के प्रतिष्ठित ब्रांड्स 'उषा' (Usha) और 'प्रेस्टीज' (Prestige) के नाम पर बेचे जा रहे भारी मात्रा में नकली इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने आरोपी दुकानदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
कंपनी के लीगल एडवाइजर की सूचना पर एक्शन
मिली जानकारी के अनुसार, 'उषा' और 'प्रेस्टीज' कंपनी के लीगल एडवाइजर (कानूनी सलाहकार) को काफी समय से प्रतापगढ़ क्षेत्र में उनके ब्रांड्स के नाम पर नकली और घटिया सामान बेचे जाने की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद लीगल टीम ने स्थानीय स्तर पर पड़ताल की और मामला सही पाए जाने पर प्रतापगढ़ पुलिस से लिखित शिकायत करते हुए साक्ष्य सौंपे।
पुलिस ने टीम बनाकर मारा छापा
शिकायत को बेहद गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने बिना देरी किए एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने जाल बिछाकर पट्टी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर अचानक छापेमारी (रेड) कर दी। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से बाजार में हड़कंप मच गया।
जब दुकान और उसके गोदाम की गहनता से तलाशी ली गई, तो वहां नामी कंपनियों के हुबहू दिखने वाले नकली मिक्सर ग्राइंडर, इंडक्शन चूल्हे, प्रेस (आयरन), और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भारी तादाद में बरामद हुए। इन नकली सामानों की पैकिंग और लोगो (Logo) को इस तरह तैयार किया गया था कि आम ग्राहक असली और नकली में अंतर न कर पाए।
दुकानदार मनीष मिश्रा पर मुकदमा दर्ज
पुलिस ने बरामद किए गए सभी नकली सामानों को सील कर अपने कब्जे में ले लिया है। इस धोखाधड़ी के मामले में पट्टी कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित दुकानदार मनीष मिश्रा के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और जालसाजी (धोखाधड़ी) की गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी दुकानदार इन नकली सामानों की सप्लाई कहां से लाता था और इस अवैध नेटवर्क में कौन-कौन से बड़े सप्लायर शामिल हैं।