नई दिल्ली: देश के सुप्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन18वें दिन भी जारी रहा. राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) पेपर लीक मामले और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे वांगचुक 28 जून से केवल पानी पर जीवित हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, उनके शरीर का वजन अब तक लगभग 8.9 किलोग्राम कम हो चुका है और वे अत्यधिक शारीरिक कमजोरी और मांसपेशियों के नुकसान से जूझ रहे हैं. हालांकि, वांगचुक का कहना है कि वे "बाहर से भले कमजोर हैं, लेकिन अंदर से उनके हौसले अब भी बेहद मजबूत हैं".
इस आंदोलन और उनके गिरते स्वास्थ्य की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट नीचे दी गई है:
तेजी से गिर रहा है स्वास्थ्य
जंतर-मंतर पर तैनात डॉक्टरों की टीम लगातार सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर 24 घंटे नजर रख रही है. डॉक्टरों द्वारा जारी ताजा हेल्थ बुलेटिन के अनुसार:
- वजन में भारी गिरावट: वांगचुक का वजन घटकर अब 57.15 किलोग्राम रह गया है. पिछले 24 घंटों में ही उनका वजन 400 ग्राम कम हुआ है.
- ब्लड शुगर और बीपी: उनका ब्लड शुगर लेवल 80 mg/dL और ब्लड प्रेशर 105/76 दर्ज किया गया है.
- डॉक्टरों की चिंता: डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अनशन लंबा खिंचने के कारण उनके शरीर में तेजी से 'मसल लॉस' (मांसपेशियों का नुकसान) हो रहा है और वे गंभीर शारीरिक दर्द का सामना कर रहे हैं.
विपक्ष और नागरिक समाज का मिला समर्थन
वांगचुक के इस आंदोलन को देशभर के युवाओं, छात्रों और राजनीतिक दलों का भारी समर्थन मिल रहा है. ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे और अरविंद केजरीवाल सहित विपक्षी नेताओं ने उनसे अनशन खत्म करने की अपील की है ताकि उनके जीवन को खतरा न हो. वहीं, ज़ीनत अमान और प्रकाश राज जैसी फिल्मी हस्तियों ने सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत शुरू करने का आग्रह किया है.
मामला पहुंचा दिल्ली हाईकोर्ट
सोनम वांगचुक की गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है. इस याचिका में कोर्ट से मांग की गई है कि वांगचुक के जीवन की रक्षा के लिए प्रशासन को उन्हें तुरंत अस्पताल में शिफ्ट करने और आपातकालीन चिकित्सा सहायता (आवश्यकता होने पर फोर्स-फीडिंग) देने का निर्देश दिया जाए. कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है.
आंदोलन को तेज करने की तैयारी
वांगचुक इस आंदोलन को युवाओं के नेतृत्व वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के साथ मिलकर चला रहे हैं. युवाओं और छात्रों के अधिकारों की इस लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए वांगचुक ने देशभर के नागरिकों से 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के दिन प्रस्तावित 'चलो संसद' शांतिपूर्ण मार्च में शामिल होने की अपील की है. उनका कहना है कि लोग उनसे अनशन तोड़ने के लिए न कहें, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की इस मांग को लेकर सरकार से सवाल करें.