लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बड़ी सौगात के रूप में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे 14 जुलाई को सुबह 8 बजे से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह सोमवार को इसका लोकार्पण करेंगे। इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा का समय लगभग 2 घंटे से घटकर केवल 45 मिनट रह जाएगा।
यह एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश का पहला बैरियर-फ्री हाईवे होगा, जहां पारंपरिक टोल प्लाजा की जगह आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। वाहनों की आवाजाही बिना रुके होगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
AI आधारित निगरानी व्यवस्था
एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली लगाई गई है। हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए वाहनों की गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी। किसी भी दुर्घटना, ओवरस्पीडिंग या आपात स्थिति में कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट मिलेगा, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
यात्रियों को होंगे कई फायदे
लखनऊ से कानपुर की दूरी अब केवल 45 मिनट में पूरी होगी।
बिना बैरियर के निर्बाध यात्रा से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी।
ईंधन और समय की बचत होगी।
AI आधारित सुरक्षा व्यवस्था से यात्रा अधिक सुरक्षित बनेगी।
दोनों शहरों के बीच व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई गति मिलेगी।
विकास को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक्सप्रेस-वे केवल दो शहरों को जोड़ने वाला मार्ग नहीं, बल्कि प्रदेश के आर्थिक विकास का नया इंजन साबित होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, लॉजिस्टिक्स आसान होगी और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
14 जुलाई से शुरू होने वाला लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे आधुनिक तकनीक, तेज रफ्तार और सुरक्षित यात्रा का नया अध्याय लिखने जा रहा है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के सड़क बुनियादी ढांचे को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।