हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने एक बार फिर मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया। वर्षों तक हर की पौड़ी पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन करने वाले रमाशंकर गुप्ता, जिन्हें लोग स्नेहपूर्वक 'भंडारे वाले बाबा' के नाम से जानते थे।
बाबा 200 रूपये में 11 लोगों को भंडारा कराते थे आम श्रध्दालुओ से आग्रह के बाद बाबा उनसे 200 रूपये में 11 लोगों को भंडारा कराते थे कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर काफ़ी वायरल थे ख़राब तबियत के वजह से निधनहो गया उसके के बाद जब आर्थिक तंगी के कारण उनके परिजन अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंच सके, तब कोतवाली नगर पुलिस ने पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के बाद बाबा के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ खड़खड़ी श्मशान घाट पहुंचाया। वहां हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार कराया गया और उन्हें भावभीनी विदाई दी गई।
रमाशंकर गुप्ता ने वर्षों तक हर की पौड़ी पर आने वाले श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों के लिए निस्वार्थ भाव से भंडारों का आयोजन किया। उनके निधन के बाद हरिद्वार पुलिस की इस मानवीय पहल ने यह संदेश दिया कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय समाज के हर वर्ग के साथ संवेदनशीलता से खड़ी रहती है।
हरिद्वार पुलिस के इस सराहनीय कार्य की स्थानीय लोगों ने प्रशंसा करते हुए इसे मानवता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।