7 जुलाई को डिप्टी कलेक्टर नेहा गंगारे और सीएमएचओ डॉ. कमला आर्य ने शाजापुर जिला अस्पताल का अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुबह 10 बजे तक कई डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं मिले, जबकि ओपीडी का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।
9 डॉक्टरों पर कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. एन.सी. झाला, डॉ. बी.एस. मैना, डॉ. मनोज पंचोली, डॉ. आलोक सक्सेना, डॉ. तेजपाल सिंह जादौन, डॉ. शुभम गुप्ता, डॉ. गोविंद पाटीदार, डॉ. क्षितिज के. मुरारी और डॉ. अजय शिवहरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सभी डॉक्टरों से निर्धारित समय के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
आयुष्मान अधिकारी भी घेरे में
जिला आयुष्मान समन्वयक शमसाद मंसूरी पर भी कार्यालयीन समय में अनुपस्थित रहने और योजना के कार्यों में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। उन्हें हर शुक्रवार प्रगति रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक दिन का वेतन कटा
सीएमएचओ डॉ. कमला आर्य ने सभी संबंधित डॉक्टरों और आयुष्मान समन्वयक का 7 जुलाई का एक दिन का वेतन काटने के आदेश जारी किए हैं। विभाग का कहना है कि मरीजों की सुविधा में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
हाईकोर्ट जाने की चर्चा
कार्रवाई के बाद कुछ डॉक्टरों ने बताया कि वे नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट जाने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि सिविल सर्जन डॉ. बी.एस. मैना ने कहा कि फिलहाल सभी अधिकारी अपना जवाब तैयार कर रहे हैं और अदालत जाने को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।
अन्य कमियां भी मिलीं
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की साफ-सफाई, ड्यूटी रोस्टर, आयुष्मान कक्ष और अन्य व्यवस्थाओं में भी कई खामियां सामने आईं। स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं और भविष्य में भी सख्त निगरानी जारी रखने की बात कही है।