छतरपुर: केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से प्रभावित किसानों और आदिवासी समुदाय ने एक बार फिर विरोध तेज करते हुए छतरपुर में 'चिता आंदोलन' शुरू कर दिया है। आंदोलन में बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं और किसान शामिल हैं, जो अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार ने परियोजना से प्रभावित परिवारों से किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं किए हैं। उनका कहना है कि पुनर्वास, मुआवजा और आजीविका से जुड़े मुद्दे अभी भी अधूरे हैं। साथ ही उनका आरोप है कि ग्राम सभाओं की सहमति के बिना ही परियोजना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है, जो उनके अधिकारों का उल्लंघन है।
आंदोलनकारी मांग कर रहे हैं कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, बेहतर पुनर्वास और सभी लंबित वादों को पूरा किया जाए। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि परियोजना से जुड़े सभी मामलों का नियमानुसार समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल उपलब्धता और जल संकट को कम करना है।