नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एलपीजी (LPG) आपूर्ति को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए पहले लगाए गए सभी अस्थायी प्रतिबंध हटा दिए हैं। इसके साथ ही सिलेंडर बुकिंग के बीच लागू 25 दिन के अनिवार्य अंतर (लॉक-इन) की व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है। अब घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को पहले की तरह आवश्यकता के अनुसार गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी की आपूर्ति अब सामान्य हो चुकी है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसलिए पहले लागू किए गए प्रतिबंधों को हटाने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से होटल, रेस्तरां, उद्योगों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, संकट की शुरुआत में रोकी गई बल्क LPG की सप्लाई में भी ढील दी गई है। इसे संकट से पहले की खपत के स्तर का 50% कर दिया गया है। इससे कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों को काफी राहत मिली है। यह बहाली LPG सप्लाई की स्थिति में हाल ही में हुए सुधार के बाद की गई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
सरकार ने लगाई थीं पाबंदियां
पश्चिम एशिया संकट के दौरान घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने 'आवश्यक वस्तु अधिनियम' के तहत आदेश जारी किए थे। इन आदेशों में कहा गया था कि C3-C4 स्ट्रीम का इस्तेमाल सिर्फ LPG उत्पादन के लिए किया जाए। उन्हें पेट्रोकेमिकल और अन्य डाउनस्ट्रीम इस्तेमाल से हटाकर LPG उत्पादन में लगाया जाए।
इसलिए लिया गया फैसला
देश में LPG उत्पादन में सुधार हुआ है। इंपोर्टेड LPG कार्गो की अनुमानित उपलब्धता को देखते हुए सरकार ने LPG पूल के लिए C3/C4 स्ट्रीम के डायवर्जन (इस्तेमाल में बदलाव) को कम करने का भी फैसला किया है।