उत्तर प्रदेश में भारत की 16वीं जनगणना (2026-27) को लेकर तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। राज्य सरकार ने इस विशाल राष्ट्रीय अभियान के लिए पूरा कार्यक्रम घोषित कर दिया है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। यह जनगणना दो चरणों में संपन्न की जाएगी और इसे पूरी तरह डिजिटल तकनीक के जरिए किया जाएगा।
पहले चरण की शुरुआत मई जून 2026 में होगी, जिसमें “हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना” का काम किया जाएगा। इस दौरान हर घर की विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगीजैसे घर की स्थिति, सुविधाएँ, पानी, बिजली, शौचालय और अन्य बुनियादी ढांचा। यह चरण आगे की जनसंख्या गणना की मजबूत नींव तैयार करेगा।
दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित होगा, जिसमें वास्तविक जनसंख्या गणना की जाएगी। इस चरण में हर व्यक्ति की उम्र, लिंग, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़ा डेटा एकत्र किया जाएगा। यह जानकारी देश की नीतियों और योजनाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
राज्य सरकार ने इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा, जिससे डेटा संग्रहण तेज, पारदर्शी और अधिक सटीक हो सके। साथ ही डेटा की सुरक्षा और निगरानी के लिए भी आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा।
इस महाअभियान में लाखों कर्मचारियों और अधिकारियों की तैनाती की जाएगी, जिन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी नागरिक को छोड़ा न जाए और हर घर तक सही जानकारी पहुंचे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह जनगणना उत्तर प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर को नए सिरे से पेश करेगी। इससे भविष्य की योजनाओं, विकास कार्यक्रमों और संसाधनों के वितरण में बड़ी मदद मिलेगी।
इस तरह, 16वीं जनगणना केवल एक सांख्यिकीय प्रक्रिया नहीं बल्कि राज्य के विकास की दिशा तय करने वाला एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।
BRICS शिखर सम्मेलन से पहले नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक शुरू हो गई है। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक को भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लाल किले के पास हुए वाहन बम विस्फोट मामले की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसी की ओर से दाखिल आरोपपत्र के मुताबिक, मुख्य आरोपी उमर-उन-नबी ने पहले चांदनी चौक स्थित लाल मंदिर को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन भारी ट्रैफिक और पुलिस की मौजूदगी के कारण वह वहां विस्फोट नहीं कर सका। इसके बाद उसने लाल किले की ओर रुख किया, जहां वाहन में धमाका हुआ।