मुंबई, 8 जून। पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान-इजरायल तनाव का असर सोमवार को वैश्विक शेयर बाजारों पर साफ दिखाई दिया। भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह की शुरुआत भारी गिरावट के साथ की। कारोबार खुलते ही सेंसेक्स 650 अंकों से अधिक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 23,150 के नीचे फिसल गया। निवेशकों में बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया।
एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। जापान का निक्केई करीब 3.7%, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5% तक टूट गया। एशिया-प्रशांत क्षेत्र के अधिकांश प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते दिखे, जिससे वैश्विक निवेशकों के बीच जोखिम लेने की क्षमता घटती नजर आई।
विश्लेषकों के अनुसार, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसके चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 3.5% बढ़कर 96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई, जो भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए चिंता का विषय है। बढ़ती तेल कीमतों से महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ सकता है।
Ok भारतीय बाजार में आईटी, वित्तीय और मिडकैप शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपये की कमजोरी ने भी बाजार की गिरावट को तेज किया। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी, जो आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे।