दुनिया के सबसे जिद्दी जीवों में गिने जाने वाले कॉकरोच एक बार फिर चर्चा में हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, कॉकरोच की शारीरिक बनावट इतनी अनोखी होती है कि सिर कटने के बाद भी वह कई दिनों तक जीवित रह सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि कॉकरोच का तंत्रिका तंत्र केवल सिर तक सीमित नहीं होता। उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों में मौजूद न्यूरॉन कई जरूरी गतिविधियों को नियंत्रित करते रहते हैं। यही वजह है कि सिर अलग होने के बाद भी शरीर कुछ समय तक कार्य करता रहता है।
कॉकरोच का रक्त संचार तंत्र भी अन्य जीवों से अलग होता है। इसके शरीर में हीमोलिम्फ नामक द्रव खुली प्रणाली में बहता है, जिससे सिर कटने के बाद भी रक्तसंचार पूरी तरह बाधित नहीं होता।
इसके अलावा कॉकरोच सांस लेने के लिए फेफड़ों या नाक पर निर्भर नहीं होते। उनके शरीर में मौजूद सूक्ष्म छिद्र सीधे ऑक्सीजन पहुंचाते हैं, जिससे सिर के बिना भी कुछ समय तक जीवन संभव हो जाता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, एक कॉकरोच बिना सिर के लगभग 7 से 10 दिन तक जीवित रह सकता है। हालांकि भोजन और पानी ग्रहण न कर पाने के कारण अंततः उसकी मृत्यु हो जाती है।
कॉकरोच की इस क्षमता पर वैज्ञानिक लगातार शोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि इससे न्यूरोबायोलॉजी, जैविक अनुकूलन और कीट नियंत्रण के क्षेत्र में नई जानकारियां मिल सकती हैं।