नई दिल्ली: NEET UG री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। परीक्षा से पहले भारतीय वायुसेना को प्रश्नपत्रों की ढुलाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एयर फोर्स के विमान और हेलीकॉप्टर देश की 18 प्रमुख राजधानियों एवं रणनीतिक केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाएंगे, ताकि किसी भी तरह की छेड़छाड़ या लीक की आशंका को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, प्रश्नपत्रों को विशेष सुरक्षा घेरे में रखा गया है। एयरलिफ्ट के बाद इन्हें निर्धारित सुरक्षित केंद्रों और बैंकों के स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाएगा, जहां 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था रहेगी।
सूत्रों के मुताबिक, री-एग्जाम के लिए देशभर में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। परीक्षा केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी, जबकि कई राज्यों में संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। परीक्षा से पहले मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई है ताकि किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक चुनौती का समय रहते समाधान किया जा सके।
शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह "लीक-प्रूफ" बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रश्नपत्रों की आवाजाही से लेकर परीक्षा केंद्रों तक हर चरण की निगरानी आधुनिक तकनीक और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के जरिए की जाएगी।
इस बीच लाखों अभ्यर्थियों की निगाहें अब परीक्षा दिवस पर टिकी हैं। सरकार और NTA को उम्मीद है कि कड़े सुरक्षा इंतजामों के चलते इस बार परीक्षा निष्पक्ष, पारदर्शी और विवादों से मुक्त रहेगी।