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नाजुक 10 दिन के संघर्षविराम के बीच लेबनान के नागरिक दक्षिण लौटे

लेबनान और इजरायल के बीच 10 दिन के नाजुक संघर्षविराम के बाद दक्षिणी लेबनान में हजारों विस्थापित लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। हालांकि इस अस्थायी राहत के बावजूद स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है।


संघर्षविराम लागू होते ही बड़ी संख्या में लोग अपने गांवों और शहरों में लौटे, जहां कई इलाकों में भारी तबाही देखने को मिली। नबातियेह जैसे क्षेत्रों में लौटे लोगों को खंडहरों में तब्दील घर और बर्बादी का सामना करना पड़ा।

लेबनानी सेना ने लोगों को सावधानी बरतने और वापसी में देरी करने की सलाह दी है, क्योंकि कई जगहों पर बिना फटे बम और दोबारा हिंसा भड़कने का खतरा मौजूद है। शुरुआती रिपोर्टों में संघर्षविराम उल्लंघन की भी खबरें सामने आई हैं, जिनमें कुछ इलाकों में गोलाबारी शामिल है।

इस संघर्ष में अब तक 2,100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 12 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। कई परिवारों ने अपने घर पूरी तरह तबाह पाए, जिसके बाद कुछ लोगों ने वापस लौटने का फैसला भी टाल दिया।

इस बीच, हिज्बुल्लाह ने चेतावनी दी है कि वह किसी भी उल्लंघन का जवाब देने के लिए तैयार है। वहीं इजरायल ने लितानी नदी तक एक बफर जोन बनाए रखने के संकेत दिए हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस संघर्षविराम को लेकर चिंता जताई जा रही है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यदि सैन्य गतिविधियां जारी रहीं, तो यह समझौता कमजोर पड़ सकता है और आम नागरिकों पर इसका गंभीर असर पड़ेगा।

हालांकि यह संघर्षविराम लोगों के लिए कुछ राहत लेकर आया है, लेकिन भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। कई परिवारों के लिए घर वापसी उम्मीद और डर दोनों का मिश्रण है।
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भारत मंडपम में पीएम मोदी और पुतिन की अहम बैठक शुरू, कारोबार-ऊर्जा और रक्षा समेत कई मुद्दों पर चर्चा

  • BRICS शिखर सम्मेलन से पहले नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक शुरू हो गई है। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक को भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BY Shirin ·
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लाल किला ब्लास्ट की चार्जशीट में बड़े खुलासे

  • लाल किले के पास हुए वाहन बम विस्फोट मामले की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसी की ओर से दाखिल आरोपपत्र के मुताबिक, मुख्य आरोपी उमर-उन-नबी ने पहले चांदनी चौक स्थित लाल मंदिर को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन भारी ट्रैफिक और पुलिस की मौजूदगी के कारण वह वहां विस्फोट नहीं कर सका। इसके बाद उसने लाल किले की ओर रुख किया, जहां वाहन में धमाका हुआ।
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