नई दिल्ली। आम उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें 7 जून 2026 से लागू हो गई हैं। यह पिछले तीन महीनों में दूसरी बार है जब घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है।
तेल विपणन कंपनियों द्वारा की गई इस मूल्य वृद्धि का सीधा असर करोड़ों परिवारों के मासिक बजट पर पड़ेगा। देश के अधिकांश घरों में खाना पकाने के लिए एलपीजी गैस का उपयोग किया जाता है, ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी से घरेलू खर्च और बढ़ने की आशंका है। हालांकि अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थानीय करों तथा परिवहन लागत के कारण अंतिम कीमतों में कुछ अंतर हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ती लागत का असर घरेलू गैस कीमतों पर पड़ रहा है। हाल के महीनों में ऊर्जा क्षेत्र में लागत दबाव बढ़ा है, जिसके चलते तेल कंपनियां लगातार मूल्य समायोजन कर रही हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले जून की शुरुआत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में भी 42 रुपये से अधिक की वृद्धि की गई थी। उस समय घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली थी क्योंकि घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर रखे गए थे, लेकिन अब घरेलू गैस उपभोक्ताओं को भी मूल्य वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है।
उपभोक्ता संगठनों ने सरकार से घरेलू गैस पर राहत देने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगी। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और ऊर्जा बाजार की स्थिति के आधार पर एलपीजी कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल, नई कीमतों के लागू होने के साथ ही देशभर के लाखों उपभोक्ताओं को रसोई गैस के लिए पहले से अधिक खर्च करना पड़ेगा, जिससे घरेलू बजट पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।