लखनऊ, 12 जून: राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में गुरुवार को शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के खिलाफ छात्रों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकारी और निजी दोनों स्तरों पर शिक्षा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर "बेहतर शिक्षा हमारा अधिकार", "खाली पदों पर भर्ती करो" और "सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करो" जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, बुनियादी सुविधाओं का अभाव और पुराना पाठ्यक्रम छात्रों के समग्र विकास में बाधा बन रहा है।
छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में बढ़ती फीस भी एक गंभीर समस्या है। उनका आरोप था कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। अभिभावकों ने भी शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। ज्ञापन में विद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने, शैक्षिक संसाधनों में सुधार करने, डिजिटल शिक्षा सुविधाओं का विस्तार करने और गरीब छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं को मजबूत करने की मांग की गई।
मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों की बात सुनने और उनकी मांगों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए दीर्घकालिक नीति, पर्याप्त निवेश और प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर पड़ सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे व्यापक जनआंदोलन शुरू करने पर विचार करेंगे।