नई दिल्ली वेदांता समूह पर प्रवर्तन निदेशालय ने एक्शन लिया है. फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के उल्लंघन से जुड़ी एक जांच के सिलसिले में मंगलवार को ईडी ने वेदांता समूह के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. अधिकारियों के अचानक शुरू की गई इस कार्रवाई से बिजनेस सेक्टर में खलबली मच गई है. निकों की नजर अब कंपनी के शेयर पर भी टिकी होंगी, क्योंकि इतनी बड़ी खबर के बाद एक बड़ा एक्शन मार्केट में भी देखने को मिल सकता है.
दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों की हो रही जांच
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी की टीमें मंगलवार सुबह ही वेदांता समूह से जुड़े परिसर पर पहुंच गईं. अधिकारियों के अनुसार ये तलाशी अभियान फेमा के नियमों के उल्लंघन के आरोपों के तहत चलाया जा रहा है. फिलहाल, ईडी के अधिकारी दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों को खंगाल रहे हैं और कार्रवाई अभी भी जारी है.
'हम पूरा सहयोग करेंगे'
इस पूरे मामले पर वेदांता के प्रवक्ता ने ईडी की कार्रवाई के बारे में बताते हुए कहा कि, कंपनी जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और उनसे मांगी गई सभी जानकारी दे रही है. उन्होंने ये भी साफ किया कि कंपनी सभी लागू कानूनों और नियमों का पालन करेगी. साथ ही, प्रवक्ता ने कहा मामला फिलहाल अभी प्रोसेस में है, इसलिए इस समय वो इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकते.
इस खबर के बाहर आते ही शेयर बाजार में भी हलचल तेज हो गई है और निवेशकों की नजरें कंपनी के अगले कदम पर टिकी हैं. कंपनी के शेयर की बात करें तो 0.64% की तेजी के साथ 339.30 पर ट्रेड कर रहा है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को वेदांता समूह से जुड़े कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े एक मामले की जांच के तहत की गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईडी की टीम ने दिल्ली और मुंबई स्थित वेदांता समूह से जुड़े ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि, जांच में कथित अनियमितताओं की प्रकृति और आरोपों का पूरा विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
वेदांता समूह की ओर से जारी प्रतिक्रिया में कहा गया कि कंपनी जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। कंपनी ने यह भी कहा कि वह सभी लागू कानूनों और नियमों के पालन के लिए प्रतिबद्ध है।
इस घटनाक्रम का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। तलाशी की खबर सामने आने के बाद वेदांता के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई और निवेशकों की नजरें अब जांच के अगले चरण पर टिकी हैं।
वेदांता समूह देश की प्रमुख प्राकृतिक संसाधन और खनन कंपनियों में से एक है, जिसका कारोबार जिंक, एल्युमिनियम, तांबा, लौह अयस्क, तेल एवं गैस समेत कई क्षेत्रों में फैला हुआ है।
फिलहाल ईडी ने मामले के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।
क्या है फेमा?
फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के जरिए भारत में विदेशी मुद्रा से जुड़े लेनदेन, विदेशी निवेश और विदेशों में संपत्ति बनाने या ट्रांसफर करने के कड़े नियम हैं. अगर कोई कंपनी इन नियमों का उल्लंघन कर विदेशी फंड का हेरफेर करती है, तो ईडी को इस कानून के तहत जांच और जब्ती का अधिकार होता है. वेदांता पर आरोप हैं कि उसने कुछ विदेशी वित्तीय लेनदेन में नियमों की अनदेखी की है.
वेदांता लिमिटेड एक बड़ी ग्लोबल कंपनी है, जो मेटल्स, क्रिटिकल मिनरल्स और टेक्नोलॉजी के सेक्टर में काम करती है. कंपनी का कारोबार भारत के अलावा अफ्रीका, मध्यपूर्व और पूर्वी एशिया के कई देशों में फैला हुआ है.