अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। सिंधी समाज की ओर से साल 2021 में मंदिर निर्माण के लिए अर्पित की गई 200 किलो चांदी की ईंटों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस मामले ने अब धार्मिक और सामाजिक संगठनों के बीच चर्चा तेज कर दी है।
विश्व सिंधी सेवा संगम के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजू मनवानी ने आरोप लगाया है कि उन्हें अब तक इस दान से संबंधित कोई आधिकारिक रसीद उपलब्ध नहीं कराई गई है। उनका कहना है कि जब समाज ने इतने बड़े स्तर पर योगदान दिया, तो पारदर्शिता और दस्तावेजी प्रमाण मिलना आवश्यक था।
इस मुद्दे के सामने आने के बाद सिंधी समाज के कुछ अन्य प्रतिनिधियों ने भी मंदिर ट्रस्ट से स्पष्ट जानकारी और रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों पर होने वाले दान को लेकर पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम या विवाद न पैदा हो।
हालांकि इस पूरे मामले पर मंदिर प्रबंधन या संबंधित ट्रस्ट की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह विवाद और भी तूल पकड़ता जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक संस्थानों में बड़े दान के मामलों में पारदर्शिता और उचित दस्तावेजी प्रक्रिया बेहद जरूरी होती है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या स्पष्टीकरण सामने आता है और विवाद किस दिशा में जाता है।