Latest News Lifestyle
126 साल के इतिहास में दूसरा सबसे सूखा बीत रहा 2026 का जून

 

नई दिल्ली। देश में वर्ष 2026 का जून महीना मौसम के लिहाज से बेहद चिंताजनक साबित हो रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 126 वर्षों के वर्षा रिकॉर्ड में यह जून दूसरा सबसे सूखा जून दर्ज किया जा रहा है। पूरे देश में अब तक सामान्य से लगभग 46 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिससे खेती, जल संसाधनों और जनजीवन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। 

मॉनसून की धीमी रफ्तार और अल नीनो के बढ़ते प्रभाव को इस स्थिति का प्रमुख कारण माना जा रहा है। जून के अंतिम सप्ताह तक देश के कई हिस्सों में सामान्य बारिश नहीं हो सकी है। उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के अनेक राज्यों में वर्षा का बड़ा घाटा दर्ज किया गया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में सूखे जैसी परिस्थितियां बनने लगी हैं। 

विशेषज्ञों का कहना है कि कम बारिश का सबसे अधिक असर खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ सकता है। धान, मक्का, सोयाबीन और दालों की खेती करने वाले किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। कई राज्यों में खेत सूखे पड़े हैं और जलाशयों का जलस्तर भी लगातार घट रहा है। 

महाराष्ट्र, झारखंड और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में वर्षा की भारी कमी दर्ज की गई है। कुछ इलाकों में पेयजल संकट की आशंका भी जताई जा रही है। मौसम विभाग ने हालांकि उम्मीद जताई है कि जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में मॉनसून सक्रिय हो सकता है, जिससे स्थिति में कुछ सुधार आएगा। 

यदि आगामी दिनों में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तो कृषि उत्पादन, जल उपलब्धता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है। ऐसे में देशभर की निगाहें अब मॉनसून की अगली गतिविधियों पर टिकी हुई हैं। 

News Image

पूर्वांचल में बदली धान रोपाई की तस्वीर, ₹250 तक पहुंची मजदूरी, नाश्ते में समोसा-जलेबी की बढ़ी मांग

  • यूपी के गांवों में बदली धान रोपाई की तस्वीर, बढ़ी मजदूरी और बदली महिलाओं की पसंद
BY Himanshu Dubey ·
News Image

नेपाल ने भारतीय ₹200 और नए ₹500 के नोटों को दी मंजूरी, 25,000 रुपये तक ले जाने की अनुमति

  • नए नियमों के अनुसार, भारतीय और नेपाली नागरिक प्रति व्यक्ति अधिकतम ₹25,000 तक की राशि इन नोटों के रूप में अपने साथ ले जा सकेंगे।
BY Himanshu Dubey ·