JPSC-JSSC विवाद: देवेंद्र महतो बोले- “आधी मांगें भी पूरी नहीं”, भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान
झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र नाथ महतो ने अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद अपनी भूख हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक छात्रों की प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं है, बल्कि भर्ती व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने दावा किया कि अब तक उनकी मांगों में से आधी भी पूरी नहीं हुई हैं। ऐसे में आंदोलन को समाप्त करने का कोई सवाल नहीं है।
11वें दिन भी भूख हड़ताल जारी
भूख हड़ताल के 11वें दिन देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बावजूद उन्होंने आंदोलन वापस लेने से इनकार किया। उनका कहना है कि छात्रों की समस्याओं का स्थायी समाधान किए बिना भूख हड़ताल समाप्त करना उचित नहीं होगा।
आंदोलनकारी छात्र JPSC-JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों, पारदर्शिता और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं। छात्रों की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि योग्य उम्मीदवारों के साथ किसी तरह का अन्याय न हो।
व्यवस्था में बदलाव की मांग
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह लड़ाई केवल उनकी व्यक्तिगत मांगों तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, आंदोलन का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर छात्रों को परेशानी न हो।
छात्र आंदोलन के चलते झारखंड में भर्ती परीक्षाओं और सरकारी नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा तेज हुई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार को उनकी मांगों पर स्पष्ट और ठोस निर्णय लेना चाहिए।
फिलहाल देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल में हैं और आंदोलन जारी रखने के अपने फैसले पर कायम हैं। अब नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर क्या कदम उठाती है और लंबे समय से चल रहे इस विवाद का समाधान किस तरह निकलता है।