Latest News Lifestyle
संसद का मानसून सत्र खत्म होने को, लेकिन सियासी घमासान बरकरार; विपक्ष और सरकार आमने-सामने

 

संसद का मानसून सत्र अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है, लेकिन सदन के भीतर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूरे सत्र के दौरान कई मुद्दों पर जोरदार हंगामा, तीखी बहस और विरोध देखने को मिला। अब सत्र समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, लेकिन कई अहम मुद्दों को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है।

सत्र के दौरान 20 जुलाई की घटना को लेकर भी सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद सामने आए। गृह मंत्री की ओर से इस मुद्दे पर 24 घंटे की चर्चा का प्रस्ताव रखा गया, जिसे विपक्ष ने स्वीकार नहीं किया। विपक्ष ने चर्चा के तरीके और सरकार की ओर से उठाए गए प्रस्ताव पर सवाल खड़े किए। इस मुद्दे को लेकर सदन में राजनीतिक तनाव बना रहा।

FCRA बिल पर बनी JPC

वहीं, विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम यानी FCRA से जुड़े बिल को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज दिया गया है। अब समिति इस विधेयक के प्रावधानों पर विस्तार से विचार करेगी और अपनी रिपोर्ट संसद के समक्ष रखेगी। बिल को JPC में भेजे जाने के फैसले को संसदीय प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हंगामे से प्रभावित रहा सत्र

मानसून सत्र के दौरान कई मौकों पर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया। विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग की, जबकि सरकार की ओर से संसदीय कार्यवाही को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके चलते कई बार सदन की कार्यवाही बाधित हुई।

सत्र के आखिरी चरण में भी राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते नजर आए। सरकार जहां विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाती रही, वहीं विपक्ष ने सरकार पर महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया।

आगे भी जारी रहेगा सियासी संग्राम

मानसून सत्र भले ही समाप्त होने जा रहा हो, लेकिन जिन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव हुआ, उनके राजनीतिक रूप से आगे भी गर्म रहने की संभावना है। FCRA बिल पर JPC की प्रक्रिया और 20 जुलाई की घटना को लेकर दोनों पक्षों के रुख पर आने वाले दिनों में सियासी बहस और तेज हो सकती है।

News Image

UP: सभी 75 जिलों में लागू होगी दुग्ध योजना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी सरकार

  • सरकार अब दुग्ध योजना का दायरा बढ़ाकर इसे प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू करने पर जोर दे रही है। योजना के विस्तार का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के लिए आय के अतिरिक्त साधन तैयार करना और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है। दुग्ध उत्पादन से महिलाओं को जोड़ने के साथ उन्हें पशुपालन और दूध के बेहतर प्रबंधन से होने वाली आय का लाभ दिलाने की कोशिश की जा रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
BY Himanshu Dubey ·
News Image

यूपी चुनाव 2027: बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व फुल एक्शन मोड में, हारी सीटों पर खास फोकस

  • 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन बीजेपी ने सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि संगठन की यह रणनीति चुनावी मैदान में पार्टी को कितना फायदा पहुंचाती है।
BY Himanshu Dubey ·