जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी है। एक संसदीय समिति ने पर्यटन स्थलों की सुरक्षा को लेकर अपनी रिपोर्ट में CCTV कवरेज बढ़ाने, हाईटेक निगरानी व्यवस्था लागू करने और नियमित सुरक्षा ऑडिट कराने की सिफारिश की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, ऐसे में प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से लैस करना जरूरी है। इसके तहत संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने और उनकी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
हाईटेक निगरानी पर जोर
समिति ने पर्यटन स्थलों पर पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ आधुनिक निगरानी तकनीकों के इस्तेमाल की जरूरत बताई है। कैमरों की निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तकनीक आधारित सिस्टम विकसित करने की सिफारिश की गई है।
नियमित सुरक्षा ऑडिट की सिफारिश
रिपोर्ट में पर्यटन स्थलों का समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट कराने पर भी जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर करना है। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की जरूरत भी बताई गई है।
पर्यटकों का भरोसा बढ़ाने की कोशिश
जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की अहम भूमिका है। ऐसे में पर्यटन स्थलों पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था न केवल पर्यटकों की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के बीच सुरक्षा और भरोसे का माहौल बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
संसदीय समिति की सिफारिशों के अमल में आने से जम्मू-कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर निगरानी व्यवस्था अधिक आधुनिक और प्रभावी होने की उम्मीद है।