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रांची में विधानसभा के पास छात्रों का धरना, बढ़ा तनाव


रांची में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। विधानसभा घेराव के लिए निकले बड़ी संख्या में छात्र अब विधानसभा के नजदीक पहुंचकर धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं और अपनी प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।

छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान किए बिना आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में JSSC CGL परीक्षा रद्द करना और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराना शामिल है।

विधानसभा घेराव के मद्देनजर रांची में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई थी। प्रशासन ने विधानसभा परिसर के आसपास सुरक्षा के कई स्तर बनाए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की गई है।

### विधानसभा के पास धरने पर बैठे छात्र

विधानसभा की ओर बढ़ने के दौरान कई बैरिकेड पार करने के बाद छात्रों का एक बड़ा समूह विधानसभा के नजदीक पहुंच गया। यहां प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि सरकार को परीक्षा विवाद से जुड़े मामलों पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।

कुछ छात्र खेतों और वैकल्पिक रास्तों से होते हुए भी विधानसभा की दिशा में आगे बढ़ते दिखाई दिए। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस लगातार अलग-अलग रास्तों पर निगरानी कर रही थी।

### अंतिम बैरिकेडिंग के पास पुलिस और छात्रों के बीच तनाव

प्रदर्शन के दौरान छात्र अंतिम बैरिकेडिंग के पास पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों से बातचीत लगातार चल रही थी और उन्हें कुछ समय के लिए वहीं रुकने के लिए समझाया गया।

पुलिस का कहना है कि जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने अंतिम बैरिकेडिंग को तोड़ने की कोशिश की, तब उन्हें पीछे हटाने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया गया।

दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर जूते-चप्पल फेंके जाने की सूचना सामने आई। इसके बाद पथराव की स्थिति भी बनी। पथराव में एक पुलिसकर्मी के सिर पर चोट लगने की सूचना है।

घटना के बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई और अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास तेज कर दिया।

### छात्रों के प्रदर्शन के बीच JPSC के पूर्व चेयरमैन गिरफ्तार

छात्रों के विधानसभा मार्च के बीच जांच एजेंसी ने JPSC के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते को गिरफ्तार किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें उनके आवास से गिरफ्तार कर जांच एजेंसी के थाने ले जाया गया।

बताया गया कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किए जाने की तैयारी थी। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का बड़ा आंदोलन चल रहा है।

इस गिरफ्तारी को लेकर भी राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, गिरफ्तारी से जुड़े मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और आरोपों की स्थिति न्यायिक प्रक्रिया के तहत स्पष्ट होगी।

### भाजपा ने भी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया

छात्रों के आंदोलन के बीच भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं ने JPSC-JSSC से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामलों की CBI जांच कराने की मांग उठाई।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों की लड़ाई में पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव का भी प्रयास किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने राज्य के युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

### JAKM विधायक ने विधानसभा में आवाज उठाने की बात कही

विधानसभा के सामने बैरिकेडिंग के पास JAKM विधायक जयराम कुमार महतो भी पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में कहा कि छात्रों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों और उनकी समस्याओं को विधानसभा में उठाया जाएगा। उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

### देवेंद्र नाथ महतो ने बैरिकेडिंग को लेकर उठाए सवाल

आंदोलन में शामिल छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने पुलिस द्वारा लगाए गए नुकीले बैरिकेडिंग को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि तबीयत खराब होने के बावजूद वह छात्रों के आंदोलन में शामिल होने से खुद को रोक नहीं पाए।

उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों के लिए इतनी कड़ी और नुकीली बैरिकेडिंग क्यों लगाई गई है। उन्होंने सवाल किया कि क्या छात्र किसी सीमा पर खड़े लोगों की तरह हैं।

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि आंदोलनकारी छात्र अपने अधिकारों और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार को छात्रों के सवालों का जवाब देना चाहिए।

### छात्रों ने पुलिस की सख्ती पर उठाए सवाल

विधानसभा मार्च में शामिल कुछ छात्रों ने रांची पहुंचने से पहले पुलिस और प्रशासन की सख्ती पर भी सवाल उठाए।

एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि छात्रों को रांची पहुंचने से पहले कई स्थानों पर रोका गया। उसने दावा किया कि बसों की जांच की गई और बाइक सवारों की भी सख्ती से जांच की जा रही थी।

प्रदर्शनकारी का कहना था कि छात्रों को आंदोलन स्थल तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की गई। उसने कहा कि जब तक CBI जांच का आदेश नहीं दिया जाता, छात्र पीछे हटने वाले नहीं हैं।

एक अन्य छात्र ने दावा किया कि उनकी गाड़ी का नंबर नोट किया गया। उसने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या प्रदर्शन करने वाले छात्र आतंकवादी हैं और क्या वे झारखंड के नागरिक नहीं हैं।

छात्र ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार युवाओं से दूरी बना रही है और सरकार को इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए।

छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं?

छात्रों की प्रमुख मांग JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने की है। इसके अलावा वे भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों की CBI जांच की मांग कर रहे हैं।

छात्र संगठनों का कहना है कि भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना है कि यदि किसी परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप हैं तो उसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

### सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के बावजूद आंदोलन जारी

छात्रों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच पहले भी कई दौर की बातचीत हो चुकी है। सरकार की ओर से कुछ मुद्दों पर समाधान और जांच से जुड़े प्रस्ताव दिए गए हैं, लेकिन छात्रों की सभी प्रमुख मांगों पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।

इसी वजह से छात्रों ने विधानसभा घेराव का रास्ता अपनाया। आंदोलनकारियों का कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा और महत्वपूर्ण फैसलों को लिखित रूप में सामने लाया जाना चाहिए।

### विधानसभा के आसपास सुरक्षा कड़ी

विधानसभा घेराव को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है और पुलिस की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं।

पुलिस अधिकारियों की ओर से प्रदर्शनकारियों से लगातार शांति बनाए रखने और सुरक्षा अवरोधों को पार नहीं करने की अपील की जा रही है। दूसरी ओर, छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं।

फिलहाल विधानसभा के आसपास तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। एक ओर छात्र धरने और नारेबाजी के जरिए अपनी मांगें उठा रहे हैं, वहीं पुलिस और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले समय में सरकार और छात्रों के बीच बातचीत तथा आंदोलन की आगे की रणनीति से स्थिति की दिशा तय होने की संभावना है।

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