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रांची में हजारों छात्रों का विधानसभा मार्च, CBI जांच पर अड़े प्रदर्शनकारी


रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। विधानसभा मार्च के लिए बड़ी संख्या में छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकत्र हुए और वहां से विधानसभा की ओर बढ़ने की तैयारी की।

छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं को लेकर सरकार को स्पष्ट और ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। प्रदर्शनकारी विशेष रूप से JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। इन दोनों प्रमुख मांगों पर सरकार और छात्रों के बीच अब तक सहमति नहीं बन पाई है।

आंदोलन के बीच रविवार को छात्रों और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच तीसरे दौर की वार्ता हुई। हालांकि, बातचीत के बावजूद छात्रों की प्रमुख मांगों को लेकर कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी। वार्ता विफल रहने के बाद छात्रों ने विधानसभा मार्च के अपने कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का फैसला किया।

विधानसभा मार्च को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

छात्रों के विधानसभा घेराव के कार्यक्रम को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। विधानसभा परिसर के आसपास बैरिकेडिंग की गई है और मुख्य मार्गों पर आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है। विधानसभा की ओर जाने वाली प्रमुख सड़क को प्रशासन ने सील कर दिया है। बैरिकेड के साथ वाहनों की मदद से भी रास्ते को बंद किया गया है।

प्रशासन की ओर से नव-निर्मित विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत धारा 163 लागू की गई है। इसका उद्देश्य विधानसभा परिसर के आसपास भीड़ को नियंत्रित करना और किसी अप्रिय स्थिति को रोकना है।

प्रदर्शन के कारण राजधानी के कुछ हिस्सों में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की भी संभावना है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा बलों की तैनाती और बैरिकेडिंग के जरिए प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर के नजदीक पहुंचने से रोकने की तैयारी की गई है।

17वें दिन भी जारी है छात्रों का आंदोलन

JPSC और JSSC की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन आज 17वें दिन में प्रवेश कर गया है। लंबे समय से जारी प्रदर्शन के बावजूद छात्रों और सरकार के बीच प्रमुख मांगों को लेकर समाधान नहीं निकल पाया है।

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल परीक्षा से जुड़ी शिकायतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर है। छात्रों का आरोप है कि यदि परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं तो सरकार को उनकी शिकायतों की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।

भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का संघर्ष

आंदोलन के दौरान कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। प्रदर्शनकारी देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि उनके लिए यह दिन संघर्ष की दिशा में निर्णायक है। उनका कहना है कि पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के लिए विधानसभा मार्च महत्वपूर्ण पड़ाव है।

देवेंद्र नाथ महतो के अनुसार, छात्र अपने अधिकारों और भर्ती परीक्षाओं में बदलाव की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आज के दिन को बदलाव और आंदोलन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।

छात्रों की दो प्रमुख मांगें

छात्रों की ओर से मुख्य रूप से दो मांगें सामने रखी गई हैं। पहली मांग JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने की है। दूसरी मांग भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI से जांच कराने की है।

सरकार और छात्रों के बीच हुई वार्ताओं में इन मुद्दों पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। इसी वजह से आंदोलन जारी है और छात्रों ने विधानसभा मार्च का रास्ता अपनाया है।

आंदोलन के अगले चरण में प्रशासन और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच स्थिति किस तरह आगे बढ़ती है, इस पर सभी की नजर है। फिलहाल छात्र अपनी मांगों को लेकर विधानसभा की ओर मार्च करने के लिए जुटे हैं और रांची में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है।

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