संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के महिला सशक्तिकरण से जुड़े वीडियो संदेश पर तंज कसा है। राहुल गांधी ने अपने वीडियो संदेश में महिलाओं को अपनी बात खुलकर रखने और अपनी इच्छाओं के अनुसार आगे बढ़ने की आजादी देने की जरूरत पर जोर दिया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रिजिजू ने इसे सकारात्मक संदेश बताया, लेकिन साथ ही सवाल किया कि क्या कांग्रेस नेता का हृदय परिवर्तन हो गया है।
राहुल गांधी ने शुक्रवार को जारी अपने वीडियो संदेश में महिलाओं की भागीदारी और उनकी स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दे पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि महिलाओं के भीतर काफी ऊर्जा और क्षमता है, लेकिन कई बार उन्हें खुद को व्यक्त करने और अपनी पसंद के अनुसार काम करने की पर्याप्त आजादी नहीं मिलती।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि किसी भी देश की वास्तविक प्रगति तब तक संभव नहीं है, जब तक महिलाएं अपनी बात खुलकर रखने और अपनी क्षमता का इस्तेमाल करने में स्वतंत्र महसूस न करें। उन्होंने महिलाओं पर पुरुषों द्वारा लगाए जाने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नियंत्रण को कम करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
राहुल के इस संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि यह कांग्रेस की ओर से एक सकारात्मक संदेश दिखाई देता है। हालांकि, उन्होंने इसी बात को लेकर राहुल गांधी पर राजनीतिक तंज भी किया। रिजिजू ने कहा कि महिलाओं को लेकर राहुल गांधी के विचारों में बदलाव दिखाई दे रहा है और उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस नेता का हृदय परिवर्तन हो गया है।
रिजिजू ने इसके साथ ही महिला आरक्षण के मुद्दे को भी चर्चा में ला दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण विधेयक का बिना किसी शर्त के समर्थन करेगी। उनके बयान का सीधा संबंध संसद में महिला आरक्षण और आगामी परिसीमन को लेकर चल रही राजनीतिक बहस से माना जा रहा है।
महिला आरक्षण का मुद्दा पिछले कुछ समय से केंद्र सरकार और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय रहा है। संसद में महिला आरक्षण से जुड़ा विधेयक पहले ही पारित हो चुका है। इसके तहत संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। हालांकि, इसके लागू होने की प्रक्रिया परिसीमन और जनगणना से जुड़ी हुई है।
कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दल परिसीमन को लेकर अलग रुख रखते हैं। विपक्ष की ओर से यह मांग उठती रही है कि महिला आरक्षण को मौजूदा संसदीय सीटों के ढांचे में लागू किया जाए और इसके लिए सीटों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया को अलग तरीके से देखा जाए।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार की ओर से नए परिसीमन के बाद लोकसभा की सीटों में संभावित बढ़ोतरी के साथ महिला आरक्षण को लागू करने की बात कही जाती रही है। इसी मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं।
ऐसे में राहुल गांधी का महिला सशक्तिकरण को लेकर दिया गया संदेश और उस पर किरेन रिजिजू की प्रतिक्रिया ने महिला आरक्षण के मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। जहां राहुल गांधी ने महिलाओं की स्वतंत्रता और उनकी आवाज को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया, वहीं रिजिजू ने कांग्रेस के राजनीतिक रुख को लेकर सवाल खड़े किए।
अब देखना होगा कि महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच आगे किस तरह की राजनीतिक बहस होती है। रिजिजू के बयान के बाद इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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