Latest News Lifestyle
संसद परिसर में पुजारी के वेश में पहुंचे पप्पू यादव, चढ़ावे के मुद्दे पर अनोखा विरोध

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान आज शुक्रवार को सांसद पप्पू यादव ने अनोखे अंदाज़ में विरोध प्रदर्शन किया. वह साधु/पुजारी की वेशभूषा पहनकर संसद परिसर पहुंचे और राम मंदिर तथा मंदिरों के चढ़ावे से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।

पप्पू यादव अपने साथ एक दान पात्र (डोनेशन बॉक्स) भी लेकर पहुंचे। उनके साथ मौजूद विपक्षी सांसदों ने उसमें प्रतीकात्मक रूप से दान डालकर विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले चढ़ावे के प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब सरकार को देना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव ने सरकार से धार्मिक संस्थानों के चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और इस विषय पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। विपक्षी नेताओं ने इस प्रदर्शन को जनता की भावनाओं से जुड़े मुद्दे को उठाने का प्रयास बताया।

यह पहली बार नहीं है जब पप्पू यादव संसद में अलग अंदाज़ में विरोध करते दिखे हों। इससे पहले भी वह हाथ में लाठी और माथे पर पट्टी बांधकर संसद पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने छात्रों की समस्याओं और बिहार से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था।

संसद परिसर में हुए इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी। वहीं, सत्तापक्ष ने विपक्ष के इस विरोध को राजनीतिक ड्रामा बताते हुए आरोपों को खारिज किया।

प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और धार्मिक संस्थानों में चढ़ावे के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की।

वहीं, सत्तापक्ष ने विपक्ष के इस प्रदर्शन को राजनीतिक नौटंकी बताते हुए आरोपों को निराधार बताया। सरकार की ओर से कहा गया कि यदि किसी विशेष मामले में शिकायत है तो संबंधित एजेंसियां नियमानुसार जांच करेंगी।

संसद परिसर में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया। अब इस मुद्दे पर संसद के भीतर भी तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है।

News Image

UP: सभी 75 जिलों में लागू होगी दुग्ध योजना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी सरकार

  • सरकार अब दुग्ध योजना का दायरा बढ़ाकर इसे प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू करने पर जोर दे रही है। योजना के विस्तार का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के लिए आय के अतिरिक्त साधन तैयार करना और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है। दुग्ध उत्पादन से महिलाओं को जोड़ने के साथ उन्हें पशुपालन और दूध के बेहतर प्रबंधन से होने वाली आय का लाभ दिलाने की कोशिश की जा रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
BY Himanshu Dubey ·
News Image

यूपी चुनाव 2027: बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व फुल एक्शन मोड में, हारी सीटों पर खास फोकस

  • 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन बीजेपी ने सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि संगठन की यह रणनीति चुनावी मैदान में पार्टी को कितना फायदा पहुंचाती है।
BY Himanshu Dubey ·