उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक कथित आंतरिक सर्वे ने सियासी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सर्वे में संकेत मिला है कि यदि मौजूदा परिस्थितियों में चुनाव कराए जाते हैं तो भाजपा को बहुमत हासिल करने के लिए कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी को 52 से 67 सीटों तक का नुकसान होने का अनुमान है। ऐसे में भाजपा की सीटों की संख्या 190 से 205 के बीच रह सकती है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में बहुमत के लिए 202 सीटों की आवश्यकता होती है।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 255 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद हुए उपचुनावों में पार्टी के खाते में दो और सीटें जुड़ने से वर्तमान में भाजपा के 257 विधायक हैं।
बताया जा रहा है कि सर्वे एजेंसी ने पार्टी नेतृत्व को नुकसान कम करने के लिए कई सुझाव भी दिए हैं। इनमें सबसे प्रमुख सुझाव करीब 35 प्रतिशत मौजूदा विधायकों के टिकट बदलने का है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पूर्वांचल क्षेत्र में विधायकों को लेकर सबसे अधिक नाराजगी देखने को मिली है, जिसे चुनाव से पहले दूर करना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है।
हालांकि, इस कथित आंतरिक सर्वे को लेकर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में इन दावों को आधिकारिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। आने वाले समय में पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक फैसलों पर सभी की नजर रहेगी।