नई दिल्ली अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर संसद परिसर में मंगलवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया। समाजवादी पार्टी (सपा) ने इस मुद्दे पर संसद के मकर द्वार के सामने जोरदार प्रदर्शन करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी के सभी सांसद प्रदर्शन में शामिल हुए। सांसदों ने हाथों में पोस्टर, बैनर और प्रतीकात्मक दानपेटी लेकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए।
सपा सांसदों ने सरकार से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उनका कहना था कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं, इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष इसे जवाबदेही और पारदर्शिता का विषय बता रहा है, जबकि सरकार और संबंधित पक्षों की ओर से मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।