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52 साल में सबसे भीषण बाढ़ का कहर, असम में 68 मौतें, लाखों लोग बेघर

 

गुवाहाटी। असम इस वर्ष पिछले 52 वर्षों की सबसे भयावह बाढ़ का सामना कर रहा है। लगातार हो रही मूसलधार बारिश और नदियों के उफान ने राज्य के कई जिलों में भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। बाढ़ की विभीषिका ने हजारों परिवारों की जिंदगी को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

डिज़ास्टर रिपोर्टिंग एंड इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (DRIMS) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, चराइदेव जिले में दो और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है। हालांकि कुछ इलाकों में जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है, जिससे बाढ़ की स्थिति में आंशिक सुधार के संकेत मिले हैं।

फिलहाल राज्य के पांच जिलों में 5.24 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें चराइदेव जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां लगभग 1.9 लाख लोग अब भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है और सड़कें, पुल तथा सार्वजनिक सुविधाएं जलमग्न हैं।

बाढ़ के कारण हजारों परिवार राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं। कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है और पशुधन पर भी संकट गहरा गया है। प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की आशंका जताते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। राज्य सरकार प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री, भोजन, दवाइयां और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने का दावा कर रही है।

असम में आई इस भीषण बाढ़ ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति राज्य की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है। लाखों लोगों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित आश्रय, भोजन और सामान्य जीवन की वापसी की है।

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52 साल में सबसे भीषण बाढ़ का कहर, असम में 68 मौतें, लाखों लोग बेघर

  • डिज़ास्टर रिपोर्टिंग एंड इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (DRIMS) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, चराइदेव जिले में दो और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है। हालांकि कुछ इलाकों में जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है, जिससे बाढ़ की स्थिति में आंशिक सुधार के संकेत मिले हैं
BY Himanshu Dubey ·