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पहाड़ से मैदान तक बारिश का कहर: हिमाचल में 5 की मौत, कश्मीर में बादल फटा, चारधाम यात्रा स्थगित

 

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश आफत बनकर बरस रही है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भारी वर्षा के चलते भूस्खलन, बादल फटने और सड़कें बाधित होने जैसी घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

हिमाचल प्रदेश में देर रात हुई तेज बारिश के बीच कई हादसे सामने आए। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में पांच लोगों की मौत की खबर है। वहीं चंबा जिले में भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन से करीब 10 वाहन मलबे में दब गए। प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चला रहे हैं। प्रभावित इलाकों में सड़कें बंद होने से यातायात भी प्रभावित हुआ है।

उधर जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के बीच एक क्षेत्र में बादल फटने की घटना सामने आई। अचानक आए तेज पानी के बहाव से कई इलाके प्रभावित हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं और लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है।

वहीं उत्तराखंड में लगातार खराब मौसम और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी है। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है और मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं।

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52 साल में सबसे भीषण बाढ़ का कहर, असम में 68 मौतें, लाखों लोग बेघर

  • डिज़ास्टर रिपोर्टिंग एंड इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (DRIMS) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, चराइदेव जिले में दो और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है। हालांकि कुछ इलाकों में जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है, जिससे बाढ़ की स्थिति में आंशिक सुधार के संकेत मिले हैं
BY Himanshu Dubey ·