प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फेसबुक से हटाया गया वीडियो Meta ने दोबारा रीस्टोर कर दिया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वीडियो किसी नीतिगत कार्रवाई के तहत नहीं हटाया गया था, बल्कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण वह कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म से हट गया था। तकनीकी समस्या दूर होने के बाद वीडियो को फिर से उपलब्ध करा दिया गया।
यह वीडियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को जारी किया था। करीब ढाई मिनट के इस संदेश में उन्होंने देश के छात्रों और जेन-जी को संबोधित करते हुए परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा था कि पेपर लीक केवल परीक्षा से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा था कि सरकार ने पिछले कुछ महीनों में पेपर लीक के मामलों में कई ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि मामले में शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। साथ ही सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो और निर्धारित समय में लाखों छात्रों की परीक्षा पूरी कराई गई।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि सरकार केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने पेपर लीक जैसे मामलों का जल्द निपटारा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि दोषियों को शीघ्र सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
वीडियो कुछ समय के लिए फेसबुक पर उपलब्ध नहीं होने के बाद इसको लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद Meta ने सफाई देते हुए कहा कि यह हटाया जाना तकनीकी त्रुटि का परिणाम था और कंपनी ने समस्या का समाधान कर वीडियो को पुनः बहाल कर दिया है।
इस बीच, रिपोर्टों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए Meta के वरिष्ठ अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
प्रधानमंत्री ने 23 जुलाई के बाद भी छात्रों और युवाओं के लिए वीडियो संदेश जारी किए, जिनमें उन्होंने परीक्षा सुधार, पारदर्शिता और युवाओं के सुझावों को महत्व देने की बात दोहराई।