नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान पार्टी और उससे जुड़े कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल किए गए धन का स्रोत स्पष्ट किया जाना चाहिए।
महेश जेठमलानी ने सवाल किया कि CJP के आंदोलन की फंडिंग किसने की? उन्होंने यह भी पूछा कि दिल्ली में अशांति फैलाने वाले तत्वों को आर्थिक मदद किसने पहुंचाई? उनके मुताबिक, इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि फंडिंग के स्रोत का पता चल सके।
जेठमलानी की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस मुद्दे पर आगे की जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।