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भरत तिवारी मामला: परिवार के आरोपों से बढ़ा सियासी विवाद


आरा (बिहार)। भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत भूषण तिवारी का मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। इस बार विवाद का कारण बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सामने आए आरोप हैं। भरत तिवारी के परिवार ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि जन सुराज ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

परिवार का आरोप है कि प्रशांत किशोर ने मुलाकात के दौरान उन्हें भरोसा दिया था कि 15 दिनों के भीतर न्याय दिलाया जाएगा। परिवार का कहना है कि बाद में उनसे बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के पक्ष में प्रचार करने का आग्रह किया गया। उनके अनुसार, न्याय दिलाने के आश्वासन के साथ राजनीतिक समर्थन की अपेक्षा की गई।

इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में भरत तिवारी की मां आशा देवी कथित तौर पर कहती दिखाई दे रही हैं कि उनसे चुनाव प्रचार में साथ चलने के लिए कहा गया था। वीडियो में मौजूद परिवार के अन्य सदस्य भी दावा करते हैं कि यह प्रस्ताव प्रशांत किशोर की ओर से आया था।

हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

परिवार की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि न्याय की उम्मीद में उन्होंने सहयोग किया, लेकिन बाद में उन्हें राजनीतिक अभियान से जोड़ने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि वे केवल निष्पक्ष जांच और न्याय चाहते हैं, किसी भी राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा नहीं बनना चाहते।

इन आरोपों पर जन सुराज की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पार्टी ने बयान जारी कर कहा कि परिवार द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार, असत्य और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। पार्टी का कहना है कि उसने हमेशा पीड़ित परिवार के साथ संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण से व्यवहार किया है।

इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार की भावनाओं का चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया गया है।

वहीं सांसद पप्पू यादव ने भी परिवार के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार पर चुनाव प्रचार का दबाव बनाया गया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

भरत तिवारी की मौत का मामला पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बना हुआ है। अब परिवार के नए आरोपों के बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा में है। फिलहाल आरोप और प्रत्यारोप का दौर जारी है तथा मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

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  • जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के समाप्त होने के बाद नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने रिकॉर्ड 12 घंटे के भीतर व्यापक सफाई अभियान चलाया। इस दौरान 60 मीट्रिक टन से अधिक कचरा हटाया गया, सड़कों की धुलाई की गई, दीवारों पर लिखे गए नारों को मिटाया गया और क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों की मरम्मत की गई।
BY Shirin ·